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शिक्षक दिवस पर गुरु-शिष्य के रिश्ते की दिखी खूबसूरत मिसाल, बच्चों ने शिक्षक बनकर संभाली कक्षा

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शिक्षक दिवस पर गुरु-शिष्य के रिश्ते की दिखी खूबसूरत मिसाल, बच्चों ने शिक्षक बनकर संभाली कक्षा

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जांजगीर-चांपा। गुरु केवल ज्ञान का मार्ग नहीं दिखाते, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व को संस्कार, अनुशासन और अच्छे विचारों से गढ़कर उनके भविष्य की नींव मजबूत करते हैं। इसी भाव को आत्मसात करते हुए बलौदा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला डिपरीपारा बिरगहनी (च) में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और आत्मीय माहौल में मनाया गया। समारोह में गुरु के प्रति विद्यार्थियों का सम्मान और शिक्षकों का बच्चों के प्रति स्नेह देखते ही बना।


कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महान शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर विधिवत पूजा-अर्चना एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को पुष्पगुच्छ एवं नारियल भेंटकर सम्मानित किया।


अपनी राशि से बच्चों ने जुटाई सामग्री, केक काटकर मनाई खुशी


शिक्षक दिवस समारोह में विद्यार्थियों की सहभागिता खास आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने स्वयं अपनी राशि एकत्र कर केक, मिक्चर, नारियल और पेन की व्यवस्था की। केक काटकर शिक्षक दिवस की खुशियां मनाई गईं और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा की गईं। बच्चों की इस आत्मीय पहल से शिक्षकों के चेहरे पर भी खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया।


शिक्षक बनकर समझी जिम्मेदारी, संभाली कक्षा


समारोह की सबसे रोचक और सीख देने वाली गतिविधि में विद्यार्थियों ने शिक्षक की भूमिका निभाई। बच्चों ने शिक्षक की वेशभूषा धारण कर विद्यालय पहुंचकर कक्षा में अध्यापन कराया और कुछ समय के लिए शिक्षक की जिम्मेदारियों का अनुभव लिया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि कक्षा में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन में रखना और सही दिशा देना कितनी बड़ी जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने समारोह को मनोरंजक बनाने के साथ ही उनकी प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया।


शिक्षकों ने भी बच्चों के लिए बांटी खुशियां


शिक्षक दिवस पर शिक्षकों ने भी बच्चों के प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हुए बूंदी, चॉकलेट और बिस्किट की व्यवस्था की। शिक्षक और विद्यार्थियों ने मिलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटीं, जिससे विद्यालय का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।


इस दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं सिखाते, बल्कि अनुशासन, संस्कार, अच्छे व्यवहार और जीवन में आगे बढ़ने की सही राह भी दिखाते हैं। शिक्षक ही बच्चों के सपनों को दिशा देकर उन्हें बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करते हैं।


गुरु-शिष्य के स्नेह का बना यादगार अवसर


कार्यक्रम में प्रधान पाठक रेनू कौशिक, शिक्षिका ममता यादव सहित छात्र-छात्राएं जया, लीजा, यामिनी, शिवानी, प्रदीप, सोहम, हितेश एवं सौरभ समेत अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शासकीय प्राथमिक शाला डिपरीपारा बिरगहनी (च) में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह ने यह संदेश दिया कि गुरु और शिष्य का रिश्ता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान, संस्कार और विश्वास की मजबूत डोर से जुड़ा होता है। विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल और शिक्षकों के स्नेह ने शिक्षक दिवस समारोह को यादगार बना दिया।

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