अरनब चक्रवात से फसलों को नुकसान, प्रभावित खेतों में सर्वेक्षण शुरू
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 72 घंटे के भीतर देनी होगी सूचना, टोल फ्री नंबर 14447 जारी

सक्ती, जिले में हाल ही में आए अरनब चक्रवात के कारण कई क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन और कृषि विभाग ने सर्वेक्षण अभियान शुरू कर दिया है। प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को वास्तविक फसल क्षति का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर सक्ती श्रीमती जयश्री जैन ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसल क्षति का वास्तविक आकलन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, ग्राम सचिवों एवं कोटवारों को गांव-गांव में किसानों के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा गया है।

प्रशासन ने बीमित किसानों से अपील की है कि फसल क्षति होने की स्थिति में 72 घंटे के भीतर भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 पर इसकी सूचना अनिवार्य रूप से दें। सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि एवं कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त फसल का सर्वेक्षण करेंगे।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, यदि फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई हो या बंडलों में सुरक्षित रखी गई फसल चक्रवात अथवा अन्य प्रतिकूल मौसम के कारण क्षतिग्रस्त हुई है, तो उसका आकलन कर नियमानुसार 15 दिनों के भीतर दावा भुगतान किया जाएगा। वहीं खड़ी फसलों में हुई क्षति का निर्धारण फसल कटाई प्रयोग के आधार पर प्राप्त औसत उपज के अनुसार किया जाएगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त, छत्तीसगढ़ शासन एवं कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक कृषि सक्ती द्वारा विकासखंड मालखरौदा के ग्राम बंदोरा, पोता एवं करिगांव में प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर फसल क्षति का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान किसानों को खेतों में जमा पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई। साथ ही बीमित किसानों को टोल फ्री नंबर 14447 पर फसल क्षति की सही एवं वास्तविक जानकारी देने के संबंध में जागरूक किया गया।

इसी तरह विकासखंड डभरा के ग्राम पुटीडीह, भेड़ीकोना एवं गोबरा में भी कृषि विभाग की टीम ने पहुंचकर प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण किया। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों को जिले के किसानों से लगातार संपर्क बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्वेक्षण के दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच, बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रतिनिधि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण 14447कृषि विस्तार अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित रहे।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि फसल क्षति की सूचना निर्धारित 72 घंटे की समय-सीमा में अवश्य दें, ताकि समय पर सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी कर पात्र किसानों को बीमा योजना का लाभ दिलाया जा सके।