बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लगभग अंतिम चरण पर है. पिछले सात दिनों से बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन जारी है. इसी बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. सरकार की “नियद नेल्लानार” योजना और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 24 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों में से 14 पर कुल 28.50 लाख रुपये का इनाम घोषित था. आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली फायरिंग, आईडी ब्लास्ट, आगजनी जैसी हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं.
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आत्मसमर्पण करने वाले 24 माओवादियों को पुलिस अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपये की नगद राशि प्रदान की. यह आत्मसमर्पण पुलिस के समक्ष सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू की मौजूदगी में हुआ. बता दें कि वर्ष 2025 में अब तक कुल 203 माओवादी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं. इसके अलावा 213 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया और 90 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया है.