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देहरादून में छत्तीसगढ़ के कराटे खिलाड़ियों का जलवा, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीते कई पदक22वीं ऑल इंडिया रेनबूकान कराटे-डो चैंपियनशिप में रेन सिन कान छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन

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देहरादून में चमका छत्तीसगढ़ का दम, राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने जीते कई पदक

22वीं ऑल इंडिया रेनबूकान कराटे-डो चैंपियनशिप 2026 में रेन सिन कान कराटे छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों की लगाई झड़ी

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर देहरादून में 9 मई से 12 मई 2026 तक आयोजित 22वीं ऑल इंडिया रेनबूकान कराटे-डो चैंपियनशिप 2026 में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रेन सिन कान कराटे छत्तीसगढ़ टीम ने अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर अनेक पदक हासिल किए। खिलाड़ियों की इस सफलता ने न केवल संस्था बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

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प्रतियोगिता में टीम का नेतृत्व स्टेट रिप्रेजेंटेटिव सेंसई रमाकांत एस. मिश्र ने किया। टेक्निकल कोच अखिलेश आदित्य ने खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं टीम मैनेजर कु. संध्या शर्मा ने पूरे दल का सफल संचालन और समन्वय संभाला।
वरिष्ठ वर्ग में चंद्रदेव सिंह और समर शास्त्री ने काता एवं कुमिते दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। जैस्मिन कोसले ने भी दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। गुंजा धीवर ने काता में रजत और कुमिते में स्वर्ण पदक हासिल किया। अभिषेक पाटले ने काता में रजत और कुमिते में स्वर्ण पदक जीते। कल्पना गेन्ड्रे ने काता में कांस्य और कुमिते में स्वर्ण पदक प्राप्त किया, जबकि प्रियंका डहरिया ने दोनों वर्गों में रजत पदक अर्जित किए।
जूनियर वर्ग में वेदांत तिवारी ने काता में रजत और कुमिते में कांस्य पदक जीते। नेहल तिवारी ने दोनों वर्गों में कांस्य पदक हासिल किए। कौशिन सिंह ने काता में कांस्य और कुमिते में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। मिया फ्रांसिस और जानवी पांडा ने काता में कांस्य तथा कुमिते में स्वर्ण पदक अर्जित किए। वहीं खुशी केरकेट्टा और लाभ्या राजपूत ने दोनों वर्गों में रजत पदक जीतकर टीम की सफलता में अहम योगदान दिया।
प्रतियोगिता के साथ खिलाड़ियों को उत्तराखंड के विभिन्न ऐतिहासिक, प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थलों की शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी यात्रा भी करवाई गई। खिलाड़ियों ने नैनीताल, कैंची धाम, हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के फॉरेस्ट रिजर्व क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस यात्रा के माध्यम से खिलाड़ियों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा, प्राकृतिक संरक्षण और अनुशासित जीवनशैली को करीब से समझने का अवसर मिला।
पूरी प्रतियोगिता और यात्रा के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, आत्मसंयम और उत्कृष्ट खेल भावना का प्रेरणादायी परिचय दिया। यह सफलता रेन सिन कान कराटे छत्तीसगढ़ परिवार की वर्षों की मेहनत, प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों की कठिन साधना का परिणाम मानी जा रही है।

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