Advertisement Carousel
Blog

बिहान योजना से बदली उर्वशी की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’गृहणी से सफल उद्यमी तक का सफर, उर्वशी बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल

Advertisements

बिहान योजना ने बदली उर्वशी बंजारे की तकदीर, गृहणी से बनीं ‘लखपति दीदी’
जांजगीर-चांपा, 23 जून 2026। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नई मिसाल कायम कर रही है। इसी योजना से जुड़कर अकलतरा विकासखंड की श्रीमती उर्वशी बंजारे ने आत्मनिर्भरता की ऐसी कहानी लिखी है, जो आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। एक समय केवल गृहणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाली उर्वशी आज सफल उद्यमी बनकर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

Advertisements
Advertisements


अकलतरा जनपद अंतर्गत स्वतंत्र महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य उर्वशी बंजारे का परिवार पहले खेती पर निर्भर था और सीमित आय के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना करता था। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और व्यवसायिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। समूह को प्रारंभिक तौर पर 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि तथा ग्राम संगठन के माध्यम से 60 हजार रुपये का सामुदायिक निवेश कोष मिला। इसके बाद बैंक लिंकेज के जरिए विभिन्न चरणों में ऋण उपलब्ध कराया गया।
प्राप्त वित्तीय सहायता का सदुपयोग करते हुए उर्वशी बंजारे ने ईंट निर्माण व्यवसाय की शुरुआत की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने एक फोटो कॉपी सेंटर भी स्थापित किया, जिससे उनकी आय के स्रोत और मजबूत हुए। व्यवसाय विस्तार के साथ-साथ उन्होंने ऋण राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों और बच्चों की शिक्षा के लिए भी किया।
वर्तमान में उर्वशी बंजारे ईंट निर्माण और फोटो कॉपी सेंटर के माध्यम से प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा वे बिहान योजना के अंतर्गत अपने संकुल संगठन में एफएलसीआरपी (FLCRP) के रूप में भी कार्यरत हैं, जिससे उन्हें हर माह लगभग 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इस प्रकार उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है और वे सफलतापूर्वक “लखपति दीदी” के रूप में स्थापित हुई हैं।


उर्वशी बंजारे का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान किया है। आज वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिहान योजना की यह सफलता कहानी बताती है कि उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और दृढ़ संकल्प से जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button