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गरियाबंदछत्तीसगढ़

धान घोटाला के बाद वारदाना घोटाला कि खुली पोल,11 हजार वारदाना स्थल से गायब…

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ से विपिन कुमार सोनवानी
देवभोग अनुभाग के ढोंर्रा, सीनापाली और कदलीमुड़ा खरीदी केंद्रों में 12 हजार नया वारदाना का मिलान नहीं..
फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज देवभोग… धान खरीदी वर्ष 2025/26 में ढोंर्रा समिति में धान के शॉर्टज के बाद अब वारदाना में भी अनियमितता बरती गई हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मार्फेड के द्वारा धान खरीदी वर्ष 2025/26 में ढोंर्रा समिति को करीब 12 हजार अतिरिक्त नया वारदाना (एसबीटी) दी गई थी जो धान खरीदी के पश्चात मार्फेड में समायोजन करना था लेकिन धान खरीदी खत्म होने के पश्चात भी ढोंर्रा समिति के प्रबंधक टंकधर साहू के द्वारा नया वारदाना को मार्फेड में समायोजन नहीं किया गया।जिसके कारण समिति को अतिरिक्त नुकसान हुआ।
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स्थल से ही वारदाना गायब.…डीएमओ गुलाब राठौर के द्वारा धान का मिलान ढोंर्रा खरीदी केंद्र, सिनापाली खरीदी केंद्र और कदलीमुड़ा में किया गया तो सीनापाली खरीदी केंद्र में नया वारदाना 4000 हजार (SBT) , सीनापाली खरीदी केंद्र में 7000 वारदाना, कदलीमुड़ा खरीदी केंद्र में 1064 नया वारदाना भौतिक सत्यापन में पाया गया, लेकिन समिति प्रबंधक और खरीदी प्रभारी के द्वारा अब तक नया वारदाना मार्फेड में जमा नहीं हुआ है जिसके चलते मार्फेड ने प्रति बोरा 95 रुपए के हिसाब से समिति का कमीशन काट दिया गया जिसके कारण समिति को अतिरिक्त नुकसान हो रहा हैं।
धान का सुखाती के चलते भी समिति का कमर टूटा.. पिछले वर्ष कि धान खरीदी में ढोंर्रा खरीदी केंद्र में 2113 क्विटंल सुखद दर्ज वहीं सीनापाली खरीदी केंद्र में 2152 क्विटंल धान सुखद दर्ज कि गई है और दोनों खरीदी केंद्र के खरीदी प्रभारी के खिलाफ ऍफ़आईआर भी दर्ज हो गई थी लेकिन अब तक खरीदी प्रभारी के खिलाफ कारवाही नहीं हुई है।
समिति को वारदाना में करीब 11 लाख का नुकसान… अब तक मार्फेड में वारदाना जमा नहीं जिसके कारण समिति को करीब 11 लाख का अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ेगा ।
जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से बचते फिरते… धान खरीदी से लेकर परिवहन और संपूर्ण जवाबदेही बैंक प्रबंधक, प्राधिकृत अध्यक्ष और खरीदी प्रभारी के ऊपर होती हैं लेकिन इनके लापरवाही का दंश समिति को झेलना पड़ रहा है , जिसके कारण समिति के कर्मचारियों को समय पर उनका मानदेय नहीं मिल पा रहा हैं।

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