Advertisement Carousel
छत्तीसगढ़जशपुर नगर

लैब ऑन व्हील्स: अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, जशपुर पुलिस को मिली मोबाइल फॉरेंसिक वैन

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से शैलेंद्र कुमार

अत्याधुनिक तकनीक से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी, अपराध जांच होगी तेज और सटीक

Advertisements
Advertisements

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ शासन एवं छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा त्वरित और सटीक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जशपुर जिले को आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। “लैब ऑन व्हील्स” के रूप में तैयार इस अत्याधुनिक वाहन को रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक सिंह सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी एवं मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि राज्य में अपराध जांच प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक, आधुनिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रायपुर द्वारा मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 में वैज्ञानिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में अब फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य किया गया है।

घटनास्थल पर ही होगी जांच

मोबाइल फॉरेंसिक वैन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच की जा सके। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी और जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनेगी। राज्य शासन द्वारा लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत से प्रदेशभर में 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं।

वैन में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं

मोबाइल फॉरेंसिक वैन में फिंगरप्रिंट एवं फुटप्रिंट डिटेक्शन किट, डीएनए एवं ब्लड सैंपल कलेक्शन किट, डिजिटल फॉरेंसिक उपकरण, सीसीटीवी एवं मोबाइल डेटा विश्लेषण, बैलिस्टिक जांच किट, GSR जांच, हाई-इंटेंसिटी लाइट, DSLR कैमरा, वीडियोग्राफी उपकरण और साक्ष्य संरक्षण उपकरण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

न्याय प्रक्रिया को मिलेगी मजबूती

वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और डिजिटल रिकॉर्डिंग के माध्यम से अपराध जांच पहले से अधिक विश्वसनीय होगी। इससे अदालतों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे और अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने में मदद मिलेगी। हत्या, दुर्घटना, साइबर अपराध और नारकोटिक्स जैसे गंभीर मामलों में अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच संभव होगी।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि अत्याधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के माध्यम से अपराधियों की पहचान आसान होगी और निर्दोष लोगों को भी संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह वैन डायल-112 सेवा से भी जुड़ी रहेगी, जिससे घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा— “बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं।”

वहीं, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने इसे न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह पहल अपराध जांच प्रक्रिया को और अधिक तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाएगी।

Advertisements
First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
Back to top button