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सारंगढ़ में पॉक्सो मामले में बड़ा फैसला: आरोपी राहुल साहू को 10 साल सश्रम कारावास, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

CG NEWS: सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के बहुचर्चित पॉक्सो प्रकरण में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी राहुल साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला बाल सुरक्षा और यौन अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका की सख्त प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जानकारी के अनुसार, 22 मई 2026 को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश सारंगढ़ के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश श्री अमित राठौर की अदालत ने थाना सरिया के विशेष आपराधिक प्रकरण की सुनवाई करते हुए आरोपी राहुल साहू (19 वर्ष), निवासी ग्राम जटीयापाली, थाना सरिया, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को दोषी करार दिया।

मामले में आरोपी पर आरोप था कि उसने 18 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर थाना सरिया में अपराध दर्ज किया गया था और जांच पूरी कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर विचार किया। इसके बाद आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष, धारा 87 के तहत 7 वर्ष तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(1) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया। प्रमुख सजा के रूप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास लागू रहेगा।

अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता के शारीरिक, मानसिक क्षति और पुनर्वास के लिए पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत राज्य शासन को प्रतिकर भुगतान की अनुशंसा भी की है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो अधिनियम 2012 के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नाबालिग की सहमति को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती।

इस महत्वपूर्ण प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रफुल्ल कुमार तिवारी ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष रखा। यह फैसला समाज में बाल अपराधों के खिलाफ एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

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