
लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति पर दो पटवारी निलंबित, हड़ताली पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस
जांजगीर-चांपा में प्रशासन की सख्ती, एक पटवारी पर कार्य में लापरवाही तो दूसरे पर जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज है अपराध
जांजगीर-चांपा, जिले में पटवारियों की हड़ताल और शासकीय कार्यों में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनधिकृत अनुपस्थिति के मामले में एक पटवारी तथा पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के मामले में दूसरे पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, हड़ताल में शामिल पटवारियों पर भी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवरीनारायण एवं जांजगीर द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार पटवारी हल्का नंबर 13, तहसील शिवरीनारायण में पदस्थ धर्मेंद्र यादव को लंबे समय तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है। बताया गया कि उनकी अनुपस्थिति के चलते नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती, अभिलेख दुरुस्ती, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फसल गिरदावरी और धान खरीदी से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे। इस संबंध में पूर्व में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाए जाने पर विभागीय जांच संस्थित करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
वहीं, तहसील जांजगीर में पदस्थ पटवारी ज्योतिष कुमार सर्वे पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में थाना सिटी कोतवाली जांजगीर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आपराधिक प्रकरण अन्वेषणाधीन होने और शासकीय सेवक के पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
156 में से 15 पटवारी लौटे काम पर
जिले में पटवारियों की स्थिति पर नजर डालें तो कुल 156 पटवारियों में से अब तक 15 पटवारी काम पर वापस लौट चुके हैं। इनमें 13 परिवीक्षाधीन पटवारी और दो ऐसे पटवारी शामिल हैं, जो हड़ताल में शामिल नहीं हुए थे। वहीं, शेष हड़तालरत पटवारियों को प्रशासन की ओर से ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया है। इससे जिले में पटवारियों की हड़ताल और प्रशासन के बीच जारी गतिरोध को लेकर प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आ रही है।
निलंबित दोनों पटवारियों का मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। दोनों निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को शासकीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने और राजस्व संबंधी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।