सामूहिक प्रयास से सफल हुआ दुर्गा पूजा आयोजन, सनातन धर्म समिति की एकजुटता बनी मिसाल
दुलदुला। वर्ष 2026 की दुर्गा पूजा का आयोजन सनातन धर्म समिति के लिए सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग का उल्लेखनीय उदाहरण रहा। इस बार पूजा के लिए अलग से आयोजन समिति गठित करने के बजाय सनातन धर्म समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने स्वयं पूरी जिम्मेदारी संभाली और आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
10 सितंबर 2026 को आयोजित समिति की बैठक में इस वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन समिति के स्तर पर ही करने का निर्णय लिया गया। निर्णय के बाद अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी और सदस्य तैयारियों में जुट गए।
सदस्यों ने मिलकर संभाली चंदा संग्रह की जिम्मेदारी
पूजा आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग राशि एकत्र करने का कार्य भी समिति के सदस्यों ने सामूहिक रूप से किया। शहर के अलग-अलग मार्गों और क्षेत्रों को 3-4 सदस्यों के समूह में बांटकर जिम्मेदारी सौंपी गई। चंदा संग्रह करने वाले सदस्यों को संबंधित राशि की वसूली की जिम्मेदारी भी दी गई, जिससे व्यवस्था में बेहतर समन्वय बना रहा।
अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए तय की गई जिम्मेदारियां
पूजा की व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी अलग-अलग सदस्यों और सहयोगियों को सौंपी गई। टेंट एवं लाइट की व्यवस्था विद्यासागर जी, फूल सजावट की जिम्मेदारी गणेश एवं रांची, मां दुर्गा की प्रतिमा की व्यवस्था सुजल दादा एवं बंगाल से जुड़े सहयोगियों ने संभाली।
इसी तरह साउंड व्यवस्था फूलमोहन जी एवं कृष्णा साउंड, दुलदुला द्वारा की गई। रावण निर्माण का दायित्व राठिया जी, धर्मजयगढ़ तथा पटाखों की व्यवस्था मोहंती जी, राउरकेला द्वारा संभाली गई। सभी ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दशहरा तक हुए विभिन्न आयोजन
दुर्गा पूजा के प्रथम दिवस से लेकर दशहरा तक विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिला।
प्रसाद व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली समिति के सदस्यों ने भी अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन किया। प्रसाद वितरण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक सभी कार्यों में सदस्यों का सहयोग देखने को मिला।
एकता और समर्पण बना आयोजन की सफलता का आधार
इस वर्ष का दुर्गा पूजा आयोजन सनातन धर्म समिति की एकजुटता, सामूहिक जिम्मेदारी और आपसी सहयोग की मिसाल बनकर सामने आया। समिति के सदस्यों ने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए पूरे आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
आयोजन की सफलता पर समिति की ओर से अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले लोगों तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
समिति ने भविष्य में भी इसी तरह एकजुट होकर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही। आयोजन के समापन पर सभी ने मां दुर्गा से समाज और क्षेत्र पर सुख-शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की कामना की।