मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में हुए शामिल, क्षेत्र के विकास के लिए की पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं
बिलाईगढ़ में खुलेगा अपर कलेक्टर कार्यालय, तीन करोड़ रुपए की लागत से बनेगा गौरव पथ,राजमहल मार्ग पर पुल, वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम और मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण की घोषणा
विजयादशमी हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर प्रेम और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री श्री साय
सारंगढ़–बिलाईगढ़,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ के रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजपरिवार और आयोजन समिति को मुख्यमंत्री श्री साय ने राजपरिवार और आयोजन समिति को ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव की परंपरा को बनाए रखने के लिए धन्यवाद देते हुए क्षेत्रवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए बिलाईगढ़ के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने, बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपए की लागत से गौरव पथ निर्माण, नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम, राजमहल जाने वाले मार्ग पर पुल तथा मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण की घोषणा की। इन घोषणाओं से क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाओं, सड़क अधोसंरचना, सार्वजनिक सुविधाओं और धार्मिक स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खुलने से क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी और विभिन्न समस्याओं के निराकरण में सहूलियत होगी। तीन करोड़ रुपए की लागत से गौरव पथ निर्माण से नगर की सड़क व्यवस्था बेहतर होगी और आवागमन सुगम होगा। राजमहल मार्ग पर पुल निर्माण से स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, वहीं वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम निर्माण से आवश्यक सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध होगी। मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण से श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीराम, माता सीता, पवनपुत्र हनुमान, मां जगदंबा, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों से की। उन्होंने कहा कि बिलाईगढ़ का ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। राजपरिवार द्वारा पीढ़ियों से इस परंपरा को सहेजकर रखा गया है और आज भी क्षेत्रवासी पूरी श्रद्धा, उत्साह तथा सामूहिक सहभागिता के साथ इस उत्सव को मनाते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राजपरिवार एवं बिलाईगढ़वासियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत और सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत बनाती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने अहंकारी और अत्याचारी रावण का वध किया था। हम प्रतिवर्ष रावण के बड़े-बड़े पुतलों का दहन करते हैं, लेकिन इस पर्व की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपने भीतर विद्यमान काम, क्रोध, मद, लोभ और अहंकार रूपी बुराइयों को समाप्त करें। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना ही विजयादशमी का मूल संदेश है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के साथ भगवान श्रीराम के गहरे धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का सर्वाधिक समय छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में व्यतीत किया था। माता शबरी की भक्ति से जुड़ा शिवरीनारायण और राजिम का पवित्र त्रिवेणी संगम प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़वासी भगवान श्रीराम को अपना भांजा मानते हैं। अयोध्या में लगभग पांच सौ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से प्रदेशवासियों में विशेष प्रसन्नता हुई। इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा श्रीरामलला दर्शन योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शासकीय खर्च पर अयोध्या धाम जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन और खनिज संपदा से समृद्ध बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से प्रभावित रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और सुरक्षा का वातावरण स्थापित होने से विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं तथा सड़क, रेल और अन्य अधोसंरचना सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को पूरा करने की दिशा में कार्य किया है। सरकार गठन के अगले ही दिन 14 दिसंबर 2023 को पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से आवासों की स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 के सर्वेक्षण के आधार पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश के लिए तीन लाख 65 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवासों की घोषणा की गई थी, जिनकी स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बताते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीण परिवारों की समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और रेल सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को लगातार सहयोग मिल रहा है। विजयादशमी के अवसर पर प्रदेश को नई रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है। उन्होंने रायपुर से रावघाट रेल परियोजना तथा रायपुर, कुरूद और धमतरी क्षेत्र में रेल संपर्क के विस्तार से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि रेल सुविधाओं के विकास से आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े ने कहा कि बिलाईगढ़ का राजशाही दशहरा उत्सव क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। राजपरिवार द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित इस उत्सव में क्षेत्रवासियों की व्यापक सहभागिता रहती है। उन्होंने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। पूर्व विधायक डॉ. जांगड़े ने मुख्यमंत्री के समक्ष बिलाईगढ़ नगर में लगभग तीन करोड़ रुपए की लागत से गौरव पथ निर्माण की मांग रखी। साथ ही नगर स्थित 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने का आग्रह किया, ताकि बिलाईगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गौरव पथ निर्माण सहित पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर शरण सिंह, श्री सौभाग्य शरण सिंह, श्री युवराज शरण सिंह, सुश्री गर्विता सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पूर्व विधायक श्रीमती कराबाई मनहर, पूर्व विधायक सुश्री कामता जोल्हे, श्री ज्योति पटेल, श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, श्री सुभाष जलान, श्री द्वारिका प्रसाद साहू, कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी सहित राजपरिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।