पीड़िता का पीछा कर अश्लील इशारे करने और जबरन कार में बैठाने का प्रयास करने का आरोप, घटना में प्रयुक्त XL6 कार जब्त
पत्थलगांव, जशपुर। पत्थलगांव थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ कथित छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निराकार यादव उर्फ रिंकू यादव (19 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई XL6 कार भी जब्त की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता कक्षा 12वीं की छात्रा है और अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई करती है। 30 अगस्त 2026 को वह अपने घर से मौसी के घर जाने के लिए बस से निकली थी। इसी दौरान दोपहर करीब 3 बजे बस का इंतजार करते समय आरोपी अपनी XL6 कार से वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने बालिका को अश्लील इशारे किए और कार से उतरकर उसका हाथ पकड़ लिया। आरोपी ने उसे अपने साथ कार में चलने के लिए कहा और जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया।
घटना के दौरान बालिका के चिल्लाने पर आरोपी उसका हाथ छोड़कर कार सहित मौके से फरार हो गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी इससे पहले भी बालिका का पीछा कर उसके साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ कर चुका था।
पीड़िता के परिजन की शिकायत पर 31 अगस्त 2026 को पत्थलगांव थाने में अपराध क्रमांक 193/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का कथन दर्ज किया। इसके अलावा शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से आरोपी फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने उसे उसके गृह ग्राम से हिरासत में लिया। मामले में पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त XL6 कार भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त की गई। इसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई: एसएसपी
मामले में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों को लेकर संवेदनशील है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक विद्या राम यादव, प्रधान आरक्षक सुभाष नायक एवं चंद्र विजय साय तथा आरक्षक वीरेंद्र यादव, देव सिंह और राजेंद्र रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नोट:आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय न्याया