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100 ट्रैक्टर रेत नदी में वापस, रेत माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहारअवैध खनन पर कार्रवाई या सिर्फ दिखावा? अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवालदो चैन मशीनें सीलबंद, लेकिन कैमरे से क्यों बच रहे जिम्मेदार अधिकारी?रेत माफियाओं पर शिकंजा, प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कई सवाल बरकरार

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100 ट्रैक्टर रेत नदी में वापस, रेत माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार
अवैध खनन पर कार्रवाई या सिर्फ दिखावा? अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
दो चैन मशीनें सीलबंद, लेकिन कैमरे से क्यों बच रहे जिम्मेदार अधिकारी?
रेत माफियाओं पर शिकंजा, प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कई सवाल बरकरार

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जांजगीर-चांपा में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। प्रशासन के अनुसार करीब 100 ट्रैक्टर रेत को वापस नदी में डलवाया गया है, जबकि अवैध खनन में इस्तेमाल दो चैन मशीनों को भी जब्त कर सीलबंद किया गया है। लेकिन इस कार्रवाई के बीच कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आखिर जिले में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत कारोबार पर पूरी तरह लगाम क्यों नहीं लग पा रही है? और कार्रवाई के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने आने से क्यों बच रहे हैं?
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की। ग्राम आमोदी खपरीडीह में अवैध रूप से जमा की गई लगभग 100 ट्रैक्टर रेत को वापस नदी में डलवाया गया।

वहीं ग्राम पीथमपुर-भादा क्षेत्र में जांच के दौरान नियमों के विपरीत चैन माउंट मशीन से रेत खनन किया जाना पाया गया। प्रशासन ने मौके पर कार्रवाई करते हुए एक चैन मशीन को जब्त कर सीलबंद कर दिया। इसके अलावा ग्राम देवरहा में भी अवैध खनन में इस्तेमाल एक अन्य मशीन को सीलबंद किया गया।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय नियम 2025 और खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 के तहत की जा रही है तथा दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सवाल

हालांकि कार्रवाई के बाद कई सवाल भी सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लगा पाएगी? और जब कार्रवाई की जा रही है तो खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मीडिया के सामने आकर पूरे मामले पर स्पष्ट जानकारी देने से क्यों बच रहे हैं?

फिलहाल प्रशासन अपनी कार्रवाई को बड़ी सफलता बता रहा है, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि अवैध रेत कारोबार पर स्थायी रोक लगाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी देखना होगा कि जब्त मशीनों और दर्ज प्रकरणों में आगे क्या वैधानिक कार्रवाई होती है।

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