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उत्तर प्रदेश

बाबा साहब की जयंती पर जनपद में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अधिकारी-कर्मचारी ने अर्पित की पुष्पांजलि

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से अफजल अली

जिलेभर में उत्साह, उल्लास, उमंग से मनाई गई आंबेडकर जयंती

डीएम ने किया माल्यार्पण, डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का किया आह्वान

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लखीमपुर खीरी। संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जयंती के अवसर पर लखीमपुर खीरी में श्रद्धा, सम्मान और संकल्प का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मंगलवार को जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी ने सहभागिता कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जनपद की सभी तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर भी विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर डॉ. आम्बेडकर की विचारधारा को सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।

जिला मुख्यालय पर हुआ भव्य आयोजन

कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम न्यायिक ब्रजपाल सिंह, एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, अर्चना ओझा, शुभेंदु शेखर, डिप्टी आरएमओ नमन पाण्डेय, सहायक श्रमायुक्त मयंक सिंह, प्रशासनिक अधिकारी (कलेक्ट्रेट) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्यजन ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सभी ने डॉ. आंबेडकर के विचारों को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता के उनके संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने डॉ. आंबेडकर के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि संविधान निर्माता ने समाज को मुख्य धारा में जोड़ा। संविधान निर्माण में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। डॉ. आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताये रास्ते पर चल कर समाज का निर्माण करें और समाज को आगे बढ़ाएं। आज के इस पावन और पुनीत मौके पर उन्हें स्मरण करने से मन प्रफुल्लित हो उठता है।

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि डॉ. आंबेडकर सिर्फ संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के सशक्त प्रहरी थे। बाबा साहब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समाज सेवा की मिसाल है। उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वह लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आम्बेडकर के सिद्धांतों और आदर्शो को अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत बताई। कहा कि उनके प्रयास से समाज के सभी वर्गों को संविधान में उचित स्थान प्राप्त हुआ। उनके प्रति सच्ची श्रद्धा तभी होगी, जब लोग अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरे संकल्प के साथ करेंगे।

जिलेभर में जयंती की गूंज, ब्लॉकों और तहसीलों में भी आयोजन

डॉ.आंबेडकर की जयंती पर केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जनपद की सभी तहसीलों व ब्लॉक मुख्यालयों पर भी विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन स्थलों पर भी बाबा साहब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके विचारों पर आधारित गोष्ठियों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।

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