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करही गोलीकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, पिस्टल-मैगजीन बरामद“ऑपरेशन हंट” में जांजगीर पुलिस को बड़ी सफलता, मुख्य साजिशकर्ता दबोचा गया

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करही गोलीकांड: मास्टरमाइंड गनपत बघेल गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
“ऑपरेशन हंट” के तहत जांजगीर-चांपा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पहले ही तीन आरोपी जा चुके हैं जेल
जांजगीर-चांपा। जिले के बहुचर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन हंट” के तहत फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल (38) को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ग्राम करही थाना बिर्रा का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल और मैगजीन भी बरामद की है। मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।

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पुलिस के अनुसार 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और साइबर व आसूचना टीम की मदद से लगातार संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि मामले के खुलासे में TECHINT और HUMINT से मिली जानकारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आर्थिक प्रतिस्पर्धा और रंजिश बनी हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति, क्षेत्र में बढ़ता प्रभाव और रेत कारोबार में प्रतिस्पर्धा के चलते आरोपी उससे जलन रखने लगे थे। उधारी के पैसों को लेकर भी दोनों पक्षों में लगातार विवाद चल रहा था।


मुख्य आरोपी गनपत बघेल ने पुलिस को बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी तथा किस्त चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन का काम करता था। वहीं आयुष कश्यप कम कीमत में रेत बेचकर उसके ग्राहकों को अपनी ओर कर रहा था, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान होने लगा था।
आरोपी ने यह भी बताया कि आयुष रेत घाटों में दबंगई करता था और राजस्व विभाग से कार्रवाई करवाने की धमकी देता था। इसी आक्रोश और प्रतिशोध की भावना में उसने अपने साथियों अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
घटना की रात आरोपी पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। सहयोगियों ने पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़े, फिर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी आयुष कश्यप के कमरे में घुसे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी गनपत बघेल को 27 मई 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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