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बिहान योजना से पुष्पा देवी महंत को मिली नई पहचान, ‘होममेड पुष्पा’ के नाम से बना रहीं घरेलू उत्पाद हैंडवॉश, साबुन, डिटर्जेंट, डिशवॉश, शैम्पू और अगरबत्ती का कर रहीं निर्माण, स्वरोजगार को बनाया आजीविका का आधार

      • बिहान योजना से पुष्पा देवी महंत को मिली नई पहचान, ‘होममेड पुष्पा’ के नाम से बना रहीं घरेलू उत्पाद
        हैंडवॉश, साबुन, डिटर्जेंट, डिशवॉश, शैम्पू और अगरबत्ती का कर रहीं निर्माण, स्वरोजगार को बनाया आजीविका का आधार
        सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी
        जांजगीर-चांपा, ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर आजीविका के नए रास्ते तलाश रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खैरा निवासी श्रीमती पुष्पा देवी महंत घरेलू उपयोग की विभिन्न वस्तुओं का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। ‘होममेड पुष्पा’ के नाम से संचालित उनका काम महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार की संभावनाओं को सामने लाता है।
        घरेलू उत्पादों के निर्माण से जुड़ीं पुष्पा देवी
        श्रीमती पुष्पा देवी महंत घर से ही घरेलू उपयोग में आने वाले विभिन्न उत्पाद तैयार करती हैं। उनके उत्पादों में हैंडवॉश, साबुन, डिटर्जेंट, डिशवॉश, शैम्पू और अगरबत्ती जैसी दैनिक जरूरत की वस्तुएं शामिल हैं। इन उत्पादों के निर्माण के माध्यम से वे अपने कौशल को आजीविका का आधार बना रही हैं।
        आज के समय में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की मांग हर घर में रहती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इन उत्पादों का निर्माण स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। पुष्पा देवी महंत का प्रयास बताता है कि उचित अवसर और मेहनत के बल पर महिलाएं अपने हुनर को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ सकती हैं।
        ‘होममेड पुष्पा’ के नाम से बना रहीं पहचान
        पुष्पा देवी महंत ने अपने काम को ‘होममेड पुष्पा’ नाम दिया है। इस नाम के माध्यम से वे अपने घरेलू उत्पादों को एक अलग पहचान दे रही हैं। घर से ही उत्पादन का कार्य संचालित कर वे अपने समय, कौशल और मेहनत का उपयोग आजीविका के लिए कर रही हैं।
        उनकी यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय कौशल के बेहतर उपयोग की संभावनाओं को भी रेखांकित करती है। यदि महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच के अवसर मिलें, तो वे अपने छोटे प्रयासों को आगे बढ़ाकर स्वरोजगार की मजबूत नींव तैयार कर सकती हैं।
        बिहान योजना से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा अवसर
        राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों के माध्यम से संगठित करना तथा उन्हें आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे वे अपनी क्षमता और कौशल का उपयोग कर सकें।
        पुष्पा देवी महंत का प्रयास इसी सोच को आगे बढ़ाता है। घरेलू उत्पादों के निर्माण के जरिए वे अपने हुनर को काम में बदल रही हैं और परिवार की आय में योगदान दे रही हैं। उनका कार्य ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार की संभावनाओं का एक उदाहरण है।
        आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक पहल
        ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं अपने कौशल के आधार पर उत्पादन और आजीविका से जुड़ती हैं, तो इससे परिवार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। पुष्पा देवी महंत की ‘होममेड पुष्पा’ पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
        अपने कार्य को आगे बढ़ाने के अवसर के लिए श्रीमती पुष्पा देवी महंत ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
        सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पुष्पा देवी महंत की यह कहानी ग्रामीण महिलाओं के कौशल, परिश्रम और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रस्तुत करती है।

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