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गौवंशों को पिकअप में क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाने का आरोप, रायगढ़ पुलिस ने गुमला में दी दबिश; आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

ऑपरेशन क्लीन हंट: छह माह से फरार पशु तस्करी का आरोपी झारखंड से गिरफ्तार
गौवंशों को पिकअप में क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाने का आरोप, रायगढ़ पुलिस ने गुमला में दी दबिश; आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए गौवंश तस्करी एवं पशु क्रूरता के मामले में करीब छह माह से फरार आरोपी को झारखंड के गुमला से गिरफ्तार किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पूंजीपथरा पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मो. फिरोज (36 वर्ष), निवासी आजाद बस्ती, जिला गुमला, झारखंड के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पिकअप की ट्रेलर से टक्कर के बाद सामने आया मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 9 अप्रैल 2026 की रात करीब दो बजे की है। सामारूमा बस्ती के आगे जंगल के पास गौवंशों से भरी पिकअप क्रमांक JH 02 BT 0299 ने आगे चल रहे ट्रेलर को पीछे से टक्कर मार दी थी। पिकअप में गौवंशों को कथित तौर पर ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद मौके पर एक गौवंश मृत मिला, जबकि एक घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा था। तीन अन्य गौवंश सुरक्षित मिले और शेष गौवंश जंगल की ओर चले गए थे।
इस मामले में ग्राम गोदगोदा निवासी शिवचरण साहू, जो गौ रक्षा समिति के सदस्य हैं, ने 10 अप्रैल को थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में गौवंशों को वध के लिए ले जाने की आशंका जताते हुए उनके परिवहन के दौरान चारे-पानी और उपचार की उचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया गया था। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया था।
वाहन मालिक से पूछताछ के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस
प्रार्थी की शिकायत पर पूंजीपथरा थाने में अपराध क्रमांक 63/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 6, 10 एवं 11 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने जब्त पिकअप वाहन के मालिक अर्जुन यादव से पूछताछ की। वाहन मालिक ने बताया कि उसने वाहन गुमला निवासी मो. फिरोज को बेकरी परिवहन के काम के लिए 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया था। इस संबंध में उसने लीज इकरारनामा भी प्रस्तुत किया।
पुलिस ने संदेही मो. फिरोज से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क किया, लेकिन कुछ समय बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। करीब छह माह तक फरार रहने के बाद आरोपी के अपने गांव आने की सूचना पुलिस को मिली।
गुमला में घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी
सूचना मिलते ही उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पूंजीपथरा पुलिस की टीम झारखंड के गुमला रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से 12 अक्टूबर को आरोपी के निवास स्थान पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे मो. फिरोज को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, आरक्षक हेमसागर पटेल और आरक्षक आदिकंद प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फरार आरोपियों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गौवंशों की तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में फरार आरोपियों की तलाश कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने के बाद दूसरे राज्य में छिपने वाले आरोपियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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