मोंगराडीह में दिनांक 10 अक्टूबर दिन शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में 128 गांव पारा-टोला के हजारों ग्रामीणों का जनसैलाब देखने को मिला।
बैठक का शुभारंभ सर्वप्रथम मुखियाओं द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं माटी महतारी की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। तत्पश्चात समिति के अध्यक्ष सिरधन सोम के आदेशानुसार महासचिव रेवा देवदास द्वारा बैठक के मूलभूत एजेंडा को पढ़कर सुनाया गया।
बैठक के मुख्य एजेंडा संगठन का विस्तार गांव-गांव तक करने की रणनीति। बुनियादी मूलभूत सुविधा क्षेत्रवासियों को मिले इस दिशा में समीक्षा व सुझाव। नाइट कर्फ्यू पर रोक, विस्थापन पर रोक, वन ग्राम के किसानों को भूमि स्वामी हक। जिला धमतरी और गरियाबंद की संयुक्त विशाल महा ग्राम सभा में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद सहित सभी जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर आमंत्रित कर जन संवाद।
एजेंडा के बाद सभी मुखियाओं ने अपने-अपने पक्ष रखते हुए समाधान की दिशा में प्रस्ताव पारित किया। महिलाओं ने भी मजबूती के साथ क्षेत्र में बीत रही ज्वलंत समस्याओं पर सबका ध्यान आकृष्ट कराया।
अध्यक्ष सिरधन सोम ने कहा हमारा इलाका पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के कारण जल-जंगल-जमीन पर अधिकार सर्वप्रथम मूल निवासियों का है। लेकिन हमारे हक-अधिकारों से वंचित किया जाना अब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी लड़ाई संवैधानिक तरीके से निरंतर जारी रहेगी। हमारे संगठन का विस्तार गांव तक हो, इसके लिए हमें रणनीति के तहत काम करना होगा। सभा को लोकेश्वरी नेताम, दैनिक मांडवी, अर्जुन नायक, धनश्याम मरकाम, नरेश मांझी, टीकम नागवंशी, दीनाचंद मरकाम, गोपाल सोरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
अगला महा बैठक का ऐलान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 17 अक्टूबर दिन शनिवार को राजापड़ाव क्षेत्र के ग्राम कोकड़ी में कांकेर और महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद,सिहावा और बिंद्रानवागढ़ विधानसभा के विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला-जनपद के सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर 128 गांवों की मांगों को विधानसभा-लोकसभा तक पहुंचाने के लिए विशाल महा ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 12 अक्टूबर दिन सोमवार को दोनों क्षेत्रों के जिम्मेदार समिति मुखियाओं द्वारा निवास पहुँच कर भेंट-मुलाकात की जाएगी। क्षेत्र में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।
बैठक में विशेष रूप से समिति के अध्यक्ष सिरधन सोम, जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम, टीकम नागवंशी, रेवा देवदास, दैनिक राम मंडावी, नरेश मांझी, धनश्याम मरकाम, कृष्ण कुमार नेताम, धनेश मरकाम, अर्जुन नायक, फूलचंद मरकाम, दीनाचंद मरकाम, टीकम मरकाम, पतंग मरकाम, करण नाग, संतोष मरकाम, रोहन नेताम, अशोक मरकाम, अजय नेताम, नकुल नागेश, पुरुषोत्तम परदे, रविंद्र मरकाम, लोकेश कुमार, रमेश मरकाम, श्यामलाल नेताम, महेश सूर्यवंशी, मोतीराम नेताम, संतोष मराई , रूपेश्वर नाग,दुर्गेश नेताम, नगीना बाई, सिया बाई, गायत्री बाई, सोमबाई, वेद बाई, ललिता बाई सहित 118 गांव पारा-टोला से हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।