Advertisement Carousel
Add
Blog

नेशनल लोक अदालत में 313 प्रकरणों का निराकरण, 94,700 रुपये का अवार्ड पारित

Ad

Advertisements

नेशनल लोक अदालत में 313 प्रकरणों का निराकरण, 94,700 रुपये का अवार्ड पारित

Advertisements


जैजैपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के मार्गदर्शन में शनिवार को तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर में वर्ष 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया गया।

Advertisements


तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर में कुल 541 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से नेशनल लोक अदालत के माध्यम से 313 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 94,700 रुपये का अवार्ड पारित किया गया।
लोक अदालत ने मिटाई कड़वाहट, फिर जुड़े रिश्ते
नेशनल लोक अदालत के दौरान एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें वर्षों से चले आ रहे विवाद का अंत आपसी समझौते से हुआ। जैजैपुर थाने में दर्ज मामले के अनुसार अभियुक्तों पर गीता प्रसाद एवं योगेश चंद्रा को अश्लील गालियां देने, जान से मारने की धमकी देने और लोहे की रॉड से मारपीट कर चोट पहुंचाने के आरोप में अपराध दर्ज किया गया था।


पुलिस विवेचना के बाद अभियुक्त देवसिंह एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2) एवं 3(5) के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
नेशनल लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी, तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर ने दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए कहा कि आपसी लड़ाई किसी समस्या का समाधान नहीं है। जीवन में मधुर संबंध और आपसी भाईचारा ही स्थायी समाधान का आधार है।
समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने बिना किसी डर, दबाव या प्रलोभन के स्वेच्छापूर्वक राजीनामा कर लिया। दोनों पक्षों ने पुराने विवाद को भुलाकर एक-दूसरे से हाथ मिलाया और विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई।
लोक अदालत का यह मामला इस बात की मिसाल बना कि कानूनी समाधान के साथ आपसी समझदारी रिश्तों में आई दूरी को भी खत्म कर सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button