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छत्तीसगढ़सारंगढ़सारंगढ़ - बिलाईगढ़

कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के योजनाओं की हुई समीक्षा

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जिला पंचायत के कृषि स्थायी समिति ने की समीक्षा

सारंगढ़ बिलाईगढ़,कार्यालय उप संचालक कृषि जिला सारंगढ़ में सोमवार को जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत कृषि स्थायी समिति की सभापति अभिलाषा नायक द्वारा की गई। बैठक में संजय भूषण पांडे, अध्यक्ष जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा कृषि विभाग से आशुतोष श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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बैठक में जिले में संचालित कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं, प्रगति तथा कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सर्वप्रथम जिले में इस वर्ष हुई वर्षा की स्थिति पर चर्चा की गई। कृषि विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में अब तक सामान्य से लगभग 154 प्रतिशत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। उप संचालक कृषि द्वारा जिले में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति की जानकारी प्रस्तुत की गई । बताया गया कि जिले की सहकारी समितियों में कृषकों की आवश्यकता के अनुरूप यूरिया, डीएपी एवं एमओपी सहित प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, सॉयल हेल्थ कार्ड, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयलसीड, आत्मनिर्भर दलहन मिशन तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

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पशुधन विकास विभाग से डॉ. महेंद्र कुमार पांडे, उप संचालक पशुधन विकास द्वारा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिले में सालर एवं कोसीर में गोधाम निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अमझर, गोड़म, अमलडीहा, धनसीर, उलखर एवं कौलाझर में गौशाला स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई। विभाग में कुल 49 पद स्वीकृत होने तथा वर्तमान में 35 पद रिक्त होने की जानकारी बैठक में दी गई। पशुओं का नियमित टीकाकरण एवं उपचार कार्य निरंतर किया जा रहा है। पशु उपचार के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 तथा आवारा पशुओं से संबंधित सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 पर संपर्क किया जा सकता है ।
महिला समूहों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से दो-दो गाय उपलब्ध कराने, मिल्क कलेक्शन तथा पशुपालन गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। कुक्कुट पालन के क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को विशेष छूट का लाभ दिए जाने की जानकारी दी गई। बकरी एवं अन्य पशुधन में नस्ल सुधार के लिए 31,890 कृत्रिम गर्भाधान (एआई) कार्य किए जाने की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई।

मत्स्य विभाग से एन.पी. ओगरे सहायक संचालक मत्स्य द्वारा राज्य मत्स्य योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कृषकों के लिए दस दिवसीय प्रशिक्षण, राज्य के बाहर कृषकों का प्रशिक्षण, झींगा पालन, मत्स्य संवर्धन, जाल वितरण, समिति अनुदान, पोंड लाइनर एवं मत्स्य संरक्षण सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।मत्स्य विभाग द्वारा आठ मत्स्य समितियों को अनुदान दिए जाने तथा कृषकों को आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन संबंधी कार्य किए जाने की जानकारी दी गई।

उद्यान विभाग की ओर से प्रतिनिधि विक्रम पटेल, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में पाम ऑयल प्रदर्शन योजना, हल्दी पौधरोपण, मसाला प्रदर्शन, अदरक प्रदर्शन, मल्चिंग वितरण, एडॉन घटक, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, जैविक खेती, माली प्रशिक्षण एवं कृषक प्रशिक्षण सहित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड फार्म हाउस एवं सोलर क्रॉप ड्रायर जैसी गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल– ऑयलसीड के अंतर्गत जिले को 50 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें से 20 हेक्टेयर लक्ष्य की पूर्ति किए जाने की जानकारी दी गई ।

बैठक में बीज प्रबंधन से संबंधित जानकारी शारदा पैंकरा द्वारा प्रस्तुत की गई। उनके द्वारा बीज निगम में बीज वितरण तथा कृषक पंजीयन की स्थिति से अध्यक्ष एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति को अवगत कराया गया।

मार्कफेड की ओर से शीतल भोई, डीएमओ एवं अपेक्स बैंक की ओर से एच.के. चंद्राकर, नोडल अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। जिले के तीनों विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों द्वारा अपने- अपने विकासखंडों में संचालित योजनाओं, उनकी प्रगति तथा लक्ष्यों की पूर्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

बैठक में आगामी रबी मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समिति की सभापति एवं अध्यक्ष द्वारा विशेष रूप से दलहन एवं तिलहन फसलों को बढ़ावा देने, पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का भंडारण सहकारी समितियों एवं विभागीय संस्थानों में समय से सुनिश्चित करने तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही लंबित कृषक प्रशिक्षणों को शीघ्र पूर्ण कराते हुए कृषकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कृषक अपनी आय में वृद्धि कर सकें तथा जिले के कृषि क्षेत्र का समग्र विकास हो।

बैठक के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति डॉ. अभिलाषा नायक द्वारा कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास एवं मत्स्य विभाग द्वारा जिले में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले से अपेक्षा व्यक्त की कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र कृषकों एवं हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए तथा विभागीय कार्यों में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में राज्य स्तर पर अग्रणी बनाने का प्रयास किया जाए। बैठक का समापन सभी विभागों द्वारा आपसी समन्वय के साथ कृषक हित में कार्य करने तथा आगामी रबी सीजन की तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के संकल्प के साथ हुआ।

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