Advertisement Carousel
धरसींवाछत्तीसगढ़

सेरिखेड़ी में आदिवासी परिवारों की बेदखली पर बवाल | “मानवता के खिलाफ अपराध” बोले भावेश बघेल

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से मोहम्मद उस्मान सैफी 

Advertisements

धरसींवा विधानसभा अंतर्गत ग्राम सेरिखेड़ी में वर्षों से निवासरत आदिवासी परिवारों को बिना किसी पूर्व सूचना, बिना पुनर्वास और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के जबरन बेदखल किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र सहित प्रदेशभर में भारी आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। यह मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि गरीब, मेहनतकश और मूलनिवासी आदिवासी समाज के अधिकारों पर सीधा हमला है।

Advertisements

Advertisements

प्रदेश कांग्रेस कमिटी (ओबीसी विभाग) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भावेश बघेल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का यह निर्णय न केवल अमानवीय है, बल्कि यह आदिवासी विरोधी सोच और गरीब विरोधी नीति का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने सालों तक उस भूमि पर रहकर अपना जीवन बसाया, अपने बच्चों का भविष्य बनाया, आज उन्हें एक झटके में सड़क पर ला खड़ा कर दिया गया।

 

भावेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद अगर आदिवासी समाज ही सुरक्षित नहीं है, तो यह सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। सरकार के संरक्षण में इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि सत्ता में बैठे लोगों को गरीबों की पीड़ा और संघर्ष से कोई सरोकार नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि घर छीन लेना सिर्फ जमीन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह किसी व्यक्ति के सम्मान, उसकी सुरक्षा और उसके पूरे जीवन से जुड़ा हुआ प्रश्न है। छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना छत के छोड़ देना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

 

इस संबंध में जिलाध्यक्ष रायपुर ग्रामीण पप्पू बंजारे ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सेरिखेड़ी में आदिवासी परिवारों के साथ हुआ यह व्यवहार पूरी तरह अन्यायपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीबों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, न कि उन्हें बेघर करने का काम करना चाहिए। यदि प्रशासन ने शीघ्र ही इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी।

 

साथ ही कचना पार्षद प्रतिनिधि जयंत साहू, उपसरपंच शारदा ध्रुव एवं NSUI जिला उपाध्यक्ष संयम सिंह ठाकुर ने भी कड़ा विरोध दर्ज करते हुए कहा कि सरकार तत्काल इस अमानवीय कार्रवाई को रोके और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

 

नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रभावित आदिवासी परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास, उचित मुआवजा, राशन-पानी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।

 

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही सकारात्मक पहल नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा व्यापक स्तर पर आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

 

अंत में भावेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आदिवासी समाज, गरीब और कमजोर वर्ग के साथ खड़ी रही है और उनके हक व अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।

First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
Back to top button