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छत्तीसगढ़धमतरी

गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन की गोताखोर टीम ने मुरुमसिल्ली जलाशय में डूबे दो मछुआरों के शव खोज निकाले

The diving team of Gangrel Blue Adventure Sports Association recovered the bodies of two fishermen who drowned in the Murumsilli reservoir.

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मुरुमसिल्ली जलाशय के आश्रित ग्राम गेदारापारा और बागडोंगरी निवासी दो मछुआरों के तेज जलप्रवाह में बह जाने की घटना में आज गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की गोताखोर टीम ने दोनों के शव खोज निकाले। गोताखोर दल द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर लगातार खोजबीन एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवकरण और लोकेश मांडवी रिश्ते में मामा-भांजे थे। दोनों 12 सितंबर की देर शाम गेदारापारा स्थित रपटा (चेक डेम) के पास मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में दूसरा व्यक्ति भी तेज बहाव की चपेट में आ गया और दोनों बह गए। ग्रामीणों द्वारा तत्काल संबंधित थाना एवं नगर सेना को इसकी सूचना दी गई। रात का समय होने तथा पानी के तेज बहाव के कारण बचाव दल द्वारा देर रात तक खोजबीन के बावजूद दोनों का पता नहीं चल सका।
   
आज सुबह ग्रामीणों द्वारा गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही श्री सतवंत कुमार महिलांग के नेतृत्व में गोताखोर दल घटनास्थल पर पहुंचा और व्यवस्थित तरीके से खोज एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया। सतवंत  ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद एक व्यक्ति का शव घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा हुआ मिला, जबकि दूसरे व्यक्ति का शव भी कुछ दूरी पर खोज लिया गया। दोनों शवों की बरामदगी के बाद इसकी सूचना संबंधित थानों को दी गई। आवश्यक कार्रवाई के पश्चात शव परिजनों को सौंप दिए गए।
जिला प्रशासन ने की सतर्कता बरतने की अपील
जिले में लगातार वर्षा एवं जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से लगातार सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि नदी-नालों, रपटों, छोटे पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। तेज बहाव वाले पानी में पैदल अथवा वाहन से जाने का जोखिम न उठाएं। विशेष रूप से बच्चों को नदी-नालों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर घबराएं नहीं, बल्कि प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाएं और राहत एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को दें।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा—‘सावधानी ही सुरक्षा’
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिले में लगातार हो रही वर्षा और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है, जिससे महानदी सहित आसपास के नदी-नालों में जलस्तर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में नदी-नालों, रपटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें तथा किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक जोखिम न लें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सावधानी ही सुरक्षा है और थोड़ी-सी सतर्कता किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।

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