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भंवतरा में पारंपरिक उल्लास के साथ मना भोजली पर्व: लोकगीतों की गूंज के बीच प्रतियोगिताएं आयोजित, विजेताओं को मिले पुरस्कार

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भंवतरा में पारंपरिक उल्लास के साथ मना भोजली पर्व: लोकगीतों की गूंज के बीच प्रतियोगिताएं आयोजित, विजेताओं को मिले पुरस्कार

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  • पारंपरिक रीति-रिवाज से सजी भोजली, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दिखा भारी उत्साह
  • सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों ने बांटे नकद पुरस्कार, लोक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
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पामगढ़ (जांजगीर-चांपा)। ग्राम पंचायत भंवतरा में पारंपरिक लोक पर्व भोजली हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में पूरा गांव उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भोजली की पूजा-अर्चना की और लोकगीतों की धुनों पर थिरकते हुए अपनी समृद्ध छत्तीसगढ़ी संस्कृति को जीवंत किया।

प्रतियोगिताओं में दिखा ग्रामीणों का हुनर

उत्सव को रोचक बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर भोजली सज्जा और पारंपरिक गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

  • भोजली प्रतियोगिता:
    • प्रथम पुरस्कार: ₹1101 (सरपंच राजाराम कश्यप द्वारा प्रदत्त)
    • द्वितीय पुरस्कार: ₹701 (उपसरपंच प्रतिनिधि राम कुमार कश्यप द्वारा प्रदत्त)
    • तृतीय पुरस्कार: ₹501 (विकास खूंटे द्वारा प्रदत्त)
  • गायन प्रतियोगिता:
    • प्रथम पुरस्कार: ₹501
    • द्वितीय पुरस्कार: ₹301
    • तृतीय पुरस्कार: ₹201

संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरपंच राजाराम कश्यप और वरिष्ठ ग्रामीणों ने कहा कि भोजली पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, गीतों और संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलता है।

​कार्यक्रम के समापन पर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग उपस्थित रहे।

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