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उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 निजी कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किसानों को बिल न देना और स्टॉक में गड़बड़ी पड़ी भारी, 21 दिनों के लिए निलंबित हुए लाइसेंस

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जांजगीर-चांपा जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 निजी कृषि केंद्रों के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए हैं, जबकि एक कृषि केंद्र का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है।

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उप संचालक कृषि  राकेश शर्मा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तर के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा निजी कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक और भौतिक स्टॉक में अंतर, किसानों को सत्यापित कैश मेमो जारी नहीं करना, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करना, उर्वरक वितरण रजिस्टर का संधारण नहीं करना तथा निर्धारित मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने जैसी अनियमितताएं पाई गईं।



कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मेसर्स राजेश ट्रेडर्स नवागढ़, मेसर्स पटेल कृषि केंद्र तुस्मा, मेसर्स रोशन कुमार अग्रवाल पोड़ी, मेसर्स विकास ट्रेडर्स खरौद और मेसर्स प्रकाश कृषि केंद्र खरौद के उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।

वहीं विकासखंड अकलतरा स्थित मेसर्स अभिषेक एग्रो कटनई में निरीक्षण के दौरान पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक का भौतिक स्टॉक नहीं मिला। साथ ही पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।



उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए कृषि विभाग ने मेसर्स अभिषेक एग्रो कटनई का उर्वरक विक्रय लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध हो सके।

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