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छत्तीसगढ़राजनांदगांव

जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा की पहल से कमाल: बच्चों की पढ़ाई के लिए किसानों ने दान की जमीन, बनेगा नया रास्ता

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से राधेश्याम शर्मा

कुबराडीह से पिनकापार तक बनेगा नया रास्ता, जनसहयोग और श्रमदान से खुलेंगे शिक्षा के द्वार,

छुरिया – विकासखंड छुरिया के ग्राम पंचायत पिनकापार, कुबराडीह, रानीतलाव सहित आसपास के चार गांवों के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर रास्ता निर्माण के लिए जमीन दान करने की सहमति दी, यह पहल जनपद पंचायत अध्यक्ष संजय सिन्हा के प्रयासों से संभव हो सकी, जिनकी निवेदन पर राजकुमार ठाकुर, अवध राम कंवर, लीमन कुमार कंवर, रामसाय ठाकुर, नरेन्द्र कुमार सिन्हा, भागचंद यादव, रहिमन साहू, किसानों ने समाजहित में अपनी जमीन देने का सराहनीय कदम उठाया,
ग्राम पंचायत पिनकापार में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि पिनकापार में हाईस्कूल होने के कारण आसपास के गांवों के बच्चे रोजाना पगडंडी रास्ते से होकर स्कूल आते-जाते हैं, विशेषकर बारिश के दिनों में यह रास्ता अत्यंत कठिन और खतरनाक हो जाता है, जिससे कई बच्चों को पढ़ाई छोड़ने की मजबूरी तक आ गई, जानकारी के अनुसार, लगभग 70–80 बच्चों ने आवाजाही की समस्या के कारण अपना टीसी तक कटवा लिया, जो क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया,
इसी गंभीर समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने बैठक कर स्थायी समाधान निकालने का निर्णय लिया, जिस स्थान पर सड़क निर्माण प्रस्तावित है, वह निजी जमीन है, इस दौरान जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा ने किसानों से हाथ जोड़कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जमीन दान करने का भावुक निवेदन किया, उनकी अपील का असर यह हुआ कि किसानों ने एक-एक कर अपनी लिखित सहमति प्रदान कर दी,
ग्रामीणों ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए “संजय सिन्हा जिंदाबाद” और “दानदाता जिंदाबाद” के नारे लगाए तथा दानदाताओं का गुलाल लगाकर सम्मान किया, यह दृश्य गांव में एकता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल बन गया,
उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा ने कहा कि आज हम सभी एक अत्यंत पुण्य और प्रेरणादायक कार्य के साक्षी हैं, किसी व्यक्ति द्वारा अपनी निजी जमीन समाज के हित में दान देना केवल जमीन का दान नहीं, बल्कि विकास, सहयोग और मानवता का जीवंत उदाहरण है, उन्होंने कहा कि एक रास्ता केवल आने-जाने का साधन नहीं होता, बल्कि गांव के विकास की धुरी होता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलते हैं,
उन्होंने दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और समाज में सेवा व समर्पण की भावना को मजबूत करेगा,
ग्रामीणों ने भी संकल्प लिया कि रास्ता निर्माण का कार्य श्रमदान के माध्यम से पूरा किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द बच्चों और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके,
यह पहल न केवल क्षेत्र में विकास की नई राह खोलेगी, बल्कि सामूहिक सहयोग और सामाजिक एकजुटता का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी,
इस अवसर पर प्रमुख रूप से गीतालाल पटेल, सुखलाल चंद्रवंशी, सरपंच मनसालाल कंवर, छन्नूलाल वारदे, बेलास राम गंधर्व, राजवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे,

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