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IMF की दो टूक: टैरिफ बना विश्व व्यापार की चुनौती, भारत को बताया उज्ज्वल उदाहरण

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नई दिल्ली

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डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बड़ी चेतावनी (IMF Warning On Tariff) दी है. आईएमएफ की चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने इसे ग्लोबल ट्रेड को नुकसान पहुंचाने वाला कदम करार दिया है और कहा है कि ये उभरते बाजारों की ग्रोथ को धीमा कर सकता है. इसे साथ ही उन्होंने एक बार फिर इंडियन इकोनॉमी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसका खुला रहना दुनिया के लिए जरूरी है.   

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बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का हथियार बना टैरिफ
आईएमएफ चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने टैरिफ से होने वाले संभावित नुकसानों के बारे में अलर्ट करते हुए कहा कि वर्तमान में दुनिया की कुछ कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाएं संरक्षणवादी उपायों की ओर मुड़ गई हैं और टैरिफ को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं. वहीं ज्यादातक देश अभी भी खुले और निष्पक्ष व्यापार का समर्थन करना जारी रखे हुए हैं, क्योंकि उनका मानना ​​है कि ग्लोबल ग्रोथ के लिए यही सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि टैरिफ के बढ़ते प्रयोग से वैश्विक व्यापार को नुकसान पहुंच सकता है.

जॉर्जीवा ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर कहा कि, 'दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने साझेदारों के साथ अपने संबंधों में टैरिफ को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करना चुना है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि बाकी दुनिया ने इसका अनुसरण नहीं किया है, कम से कम अभी तक तो नहीं.'

191 देशों में से 3 टैरिफ के पक्ष में 
आईएमएफ चीफ ने आगे बताया कि IMF के 191 सदस्य देशों में से महज तीन देशों अमेरिका, चीन और कुछ हद तक कनाडा ने टैरिफ लगाने के लिए ज्यादा जोरदार कदम उठाए हैं. वहीं बाकी बचे 188 देशों ने कहा है, 'शुक्रिया, लेकिन नहीं.' इन सभी देशों ने मोस्ट फेवर्ड नेशन के नियमों के तहत ही व्यापार जारी रखने का विकल्प चुना है. क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से अपील की है कि वे एक खुली, निष्पक्ष और नियम-आधारित व्यापार प्रणाली की दिशा में काम करें.

भारत पर IMF को भरोसा
वैश्विक संगठन आईएमएफ की निदेशक ने भारत पर फिर से भरोसा जताते हुए कहा है कि Indian Economy दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और अपने सुधार प्रयासों के कारण ग्लोबल ग्रोथ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भारत एक ओपन इकोनॉमी है और खुला, प्रतिस्पर्धी और सुधार-संचालित बने रहना ही आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका है. गौरतलब है कि IMF ने हाल ही में FY26 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 6.6% किया है. इसके साथ ही भारत को दुनिया के विकास के लिए ग्रोथ इंजन करार दिया था.  

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