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गरियाबंदछत्तीसगढ़

अटैचमेंट का खेल, नियमों कि अनदेखी कर सहायक आयुक्त ने अपने चहेते शिक्षकों को बनाया हॉस्टल अधीक्षक, बच्चों कि पढ़ाई पर पड़ रहा हैं असर

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ से विपिन कुमार सोनवानी

देवभोग न्यूज… एक तरफ राज्य सरकार स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए युक्तिकरण और अटैचमेंट समाप्त करने जैसे बड़ा कदम उठा रहीं है। वहीं दूसरी और सहायक आयुक्त गरियाबंद के द्वारा शासन कि मंशा पर पानी फेर रहा हैं।

जिले के देवभोग और मैनपुर ब्लॉक में यही सिलसिला चल रहा है सहायक आयुक्त के द्वारा अपने चहेते शिक्षकों को हॉस्टल अधीक्षक का अतिरिक्त पद सौंपी गई है। बता दें विभागीय मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक 1…चंद्रकिशोर बघेल और उनकी पत्नी जमुना बघेल पति पत्नी बेस में प्राथमिक शाला टूहामेटा में पदस्थ है और सहायक आयुक्त लोकेश्वर पटेल के मेहरबानी से दोनों पति, पत्नी को हॉस्टल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जबकि प्राथमिक शाला तुहामेटा में कुल दर्ज संख्या 40 के करीब है और दोनों को हॉस्टल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया हैं जो उनके मूल शाला से करीब 08 किमी है। शिक्षक चंद्रकिशोर बघेल का दस्तावेज पूरी तरह से अपात्र पाए गया था इसके बावजूद भी इनके ऊपर कारवाही करने के बजाए सहायक आयुक्त ने  इन्हें संरक्षण दी है इन्हें नौकरी से निकालने के बजाए दो दो हॉस्टल का अधीक्षक भी बनाया गया हैं।

2… निहारीका ठाकुर इनका मूल पदस्थापना प्राथमिक शाला कुरूभाटा में और इन्हें गहराडीह आश्रम का अधीक्षक बनाया गया है जबकि कुरुभाटा से गहराडीह आश्रम कि कुल दूरी करीब 40 किमी है।

3… वहीं राम शंकर पैकरा गरियाबंद विकास खण्ड के अधीक्षक है लेकिन तगड़ी सेटिंग के चलते उन्हें मैनपुर ब्लॉक के छिंदोला आश्रम का अधीक्षक बनाया गया हैं।

4 …. शिक्षक डाकेशर नेताम इनके मूल स्कूल से आश्रम कि दूरी करीब 30 किमी है उसके बाद भी इन्हें हॉस्टल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया हैं।

वहीं दामोदर साय नेगी को पुनः गोबरा आश्रम के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जो पूर्व में भी विवादित तौर पर हॉस्टल अधीक्षक के पद से निकला गया था।

शासन ने आदेश में स्पष्ट किया था कि किसी भी शिक्षक को शैक्षणिक कार्य के अलावा अन्य विभाग या कार्यालय में अटैचमेंट नहीं दिया जायेगा , साथ ही आदिम जाति विभाग ने यह निर्देश जारी कि थी कि छात्रावास अधीक्षक का प्रभार उन शिक्षकों को दी जाएगी जिनका स्कूल हॉस्टल के नजदीक हो ताकि स्कूल के बच्चों कि पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षक प्रतिदिन दो पीरियड पड़ा सकें लेकिन सहायक आयुक्त के द्वारा सरकारी आदेशों को अनदेखी करते हुए अपने चहेते शिक्षकों को हॉस्टल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जिसके कारण बच्चों कि पढ़ाई अत्यधिक प्रभावित हो रही हैं।

इस संबंध में सहायक आयुक्त लोकेश्वर पटेल से जानकारी लेनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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