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जशपुर में महिला सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला, महिलाओं-युवाओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से शैलेंद्र कुमार

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

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जशपुर। महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, करियर निर्माण और सामाजिक नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष, जशपुर में एक दिवसीय महिला सशक्तिकरण, साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन एवं युवा जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यूनिसेफ, जय हो जशपुर, रौनियार महिला शक्ति, एग्रीकोन समिति एवं रानी दुर्गावती फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार एवं डीएसपी आशा तिर्की उपस्थित रहीं। वहीं प्रशिक्षक के रूप में बाल संरक्षण अधिकारी शीखा, महिला एवं बाल विकास विभाग से अंजना, संगवारी संस्था से ज्योति विक्रम, रितु एवं उमा ने सहभागिता की। कार्यक्रम के संयोजन एवं नेतृत्व की जिम्मेदारी जिला समन्वयक सुश्री शालिनी गुप्ता, विकासखंड प्रमुख गुरुदेव प्रसाद तथा रौनियार महिला शक्ति की अध्यक्ष सीमा गुप्ता ने संभाली।

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कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर डीएसपी आशा तिर्की ने महिलाओं को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे, ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी साझा करते हुए महिलाओं को किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। साथ ही सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सलाह दी।

जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय, विज्ञान और सामाजिक नेतृत्व सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साथ ही समाजहित में लगातार कार्य कर रही जय हो जशपुर टीम की सराहना करते हुए रौनियार महिला शक्ति को एक प्रेरणादायी और सशक्त महिला समूह बताया।

बाल संरक्षण अधिकारी शीखा ने महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा ऑनलाइन और सामाजिक स्तर पर होने वाली विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रतिनिधि अंजना ने महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा योजनाओं एवं आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक सुश्री शालिनी गुप्ता ने “पढ़ाई का कोना”, बाल विवाह उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक जागरूकता के विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

विकासखंड प्रमुख गुरुदेव प्रसाद ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से साइबर फ्रॉड के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में सतर्कता को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बताते हुए लोगों को अनजान लिंक, फर्जी कॉल और संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन से बचने की सलाह दी।

रौनियार महिला शक्ति की अध्यक्ष सीमा गुप्ता ने संगठन द्वारा महिलाओं के उत्थान, सामाजिक सहभागिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों को पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दौरान अनीता गुप्ता, मेघा गुप्ता एवं रेनू गुप्ता ने भी महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, सामाजिक नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

वहीं जय हो जशपुर की स्वयंसेविका रिंटा गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों के अपने स्वयंसेवी अनुभव साझा करते हुए युवाओं को समाज सेवा से जुड़ने और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला में जय हो जशपुर के स्वयंसेवक नेहा, गुलशन, रितेश, सुमित्रा, तुलसी और सविता सहित रौनियार समाज एवं महिला शक्ति की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन सीमा गुप्ता द्वारा किया गया।

अंत में सीमा गुप्ता एवं जिला समन्वयक सुश्री शालिनी गुप्ता ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शॉल भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन को सफल बनाने में जय हो जशपुर, रौनियार समाज, रानी दुर्गावती फाउंडेशन तथा सभी स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण, जागरूकता और साइबर सुरक्षा के संदेश के साथ हुआ। वक्ताओं ने कहा कि एक जागरूक और आत्मनिर्भर महिला ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की मजबूत नींव होती है। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और समाजोपयोगी पहल बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता की आवश्यकता पर बल दिया।

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