Advertisement Carousel
Blog

ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग पर ट्रैफिक पुलिस सख्त, हजारों को नोटिस 550 कैमरों की निगरानी में बिलासपुर, तेज रफ्तार वाहन चालकों की खैर नहीं

Advertisements

तेज रफ्तार वाहन चालकों पर बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 5 माह में 14,372 प्रकरण

Advertisements
Advertisements


बिलासपुर, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आधुनिक तकनीकों की मदद से लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।


यातायात पुलिस द्वारा इंटरसेप्टर वाहन, स्पीड राडार गन, स्पीडोमीटर तथा आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत स्थापित अत्याधुनिक एएनपीआर कैमरों के माध्यम से शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
बिलासपुर शहर में 550 से अधिक अत्याधुनिक कैमरे स्थापित हैं, जिनकी सहायता से ओवरस्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग, स्टंटबाजी, रील बनाते हुए वाहन चलाना तथा अन्य गंभीर यातायात उल्लंघनों की पहचान कर ऑनलाइन नोटिस जारी किए जा रहे हैं।


जनवरी से मई 2026 के बीच यातायात पुलिस ने तेज गति से वाहन चलाने के 4,809 प्रकरण तथा जल्दबाजी एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के 9,567 प्रकरण दर्ज किए हैं। इस प्रकार कुल 14,372 मामलों में कार्रवाई करते हुए वाहन चालकों को चालान जमा करने हेतु नोटिस भेजी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे वाहन चालक जो स्वयं एवं अन्य लोगों के जीवन को जोखिम में डालते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन एवं निरस्तीकरण के लिए परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजे जा रहे हैं। वहीं खतरनाक स्टंट और सार्वजनिक सड़कों पर रील बनाने जैसे मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत कर कड़ी कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।


यातायात पुलिस बिलासपुर ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, यातायात नियमों का सम्मान करें और सुरक्षित वाहन संचालन को प्राथमिकता दें। नियमों के गंभीर उल्लंघन की स्थिति में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी धाराओं में भी प्रकरण दर्ज किए जा सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button