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छत्तीसगढ़जशपुर नगर

कुनकुरी में मुनि संघ का मंगल प्रवेश, जैन समाज ने पुष्पवर्षा और जयघोष से किया भव्य स्वागत

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से शैलेंद्र कुमार

कुनकुरी। जैन धर्म समाज के लिए आज का दिन अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक रहा, जब आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 आराध्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री 105 श्रेय सागर जी महाराज का ससंघ कुनकुरी में मंगल प्रवेश हुआ।

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पूरे नगर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। जैन समाज सहित बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों ने पुष्प वर्षा, मंगल कलश और जयघोष के साथ गुरुदेव का भव्य स्वागत किया।
मुनि संघ ने महाराष्ट्र के नंदगाँव में चातुर्मास पूर्ण कर धर्म प्रभावना की नई मिसाल कायम की।

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इसके उपरांत इंदौर होते हुए छत्तीसगढ़ के राजिम में पंचकल्याणक महोत्सव का सफल आयोजन संपन्न कराया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया। तत्पश्चात बलौदाबाजार में भी भव्य पंचकल्याणक महोत्सव कर जैन धर्म की महिमा को जन-जन तक पहुंचाया गया।

आज ससंघ का कुनकुरी आगमन जैन समाज के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। नगर की सड़कों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें, मंगल गीत, बैंड-बाजे और भक्ति भाव से सजा पूरा वातावरण अत्यंत दिव्य प्रतीत हुआ। समाजजनों ने इसे सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि ऐसे संतों का चरण स्पर्श जीवन में दुर्लभ होता है।

विशेष बात यह है कि मुनि संघ का पद विहार अब जैनों के सर्वोच्च तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी की ओर अग्रसर है, जो हर जैन के लिए मोक्ष भूमि के समान मानी जाती है। इस ऐतिहासिक यात्रा को लेकर देशभर के जैन समाज में अपार उत्साह है। संतों की यह पदयात्रा न केवल धर्म जागरण का संदेश दे रही है, बल्कि संयम, त्याग और अहिंसा के मूल सिद्धांतों को भी समाज में सशक्त रूप से स्थापित कर रही है।

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