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दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई, साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा; बैंक खाते किराए पर देने वालों को दी सख्त चेतावनी

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कमीशन के लालच में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 9 म्यूल खाताधारक और एजेंट गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई, साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा; बैंक खाते किराए पर देने वालों को दी सख्त चेतावनी

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दुर्ग, साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना पुरानी भिलाई पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगों को बैंक खाते और बैंकिंग दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले 9 म्यूल खाताधारकों एवं एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है।

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सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दो हजार से दस हजार रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से प्राप्त अवैध राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था।
तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच के दौरान संबंधित खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए, जिसके बाद नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन तथा अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए।


दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाता किराए पर देना या किसी अन्य को उपयोग के लिए सौंपना भी गंभीर अपराध है, और ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं।
पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने की अपील की है।

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