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NDPS विवेचना पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला सम्पन्न, अधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

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NDPS विवेचना पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला सम्पन्न, अधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
बिलासपुर,
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए NDPS Investigation (मादक पदार्थ प्रकरणों की विवेचना) की गुणवत्ता सुधार हेतु रेंज स्तरीय एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल से आयोजित हुई।

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कार्यक्रम का शुभारंभ आईजी श्री गर्ग द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि विवेचना के दौरान होने वाली प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण अभियोजन पक्ष कमजोर पड़ जाता है, जिससे आरोपियों को लाभ मिल जाता है। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप विवेचना को सशक्त और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) श्री माखनलाल पाण्डेय ने NDPS एक्ट से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने तलाशी एवं जप्ती के दौरान धारा 42, 50 और 57 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन, धारा 52 के तहत जब्त मादक पदार्थों का विधिवत प्रमाणीकरण, तथा नवीन नियम 2022 के अनुसार नमूनाकरण (Sampling) की प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विवेचना केवल जप्ती तक सीमित न रहकर मादक पदार्थ के स्रोत (Source) से लेकर गंतव्य (Destination) तक की पूरी कड़ी को जोड़ना आवश्यक है, ताकि ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। दस्तावेजीकरण, स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति, सटीक समय उल्लेख और आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी विवेचना में अनिवार्य बताया गया।
कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा व्यावहारिक समस्याओं के समाधान प्राप्त किए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सारंगढ़ श्री आंजनेय वार्ष्णेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (शहर) श्री पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन श्री निमितेश सिंह एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त किए। कार्यक्रम के अंत में आईजी श्री गर्ग द्वारा प्रशिक्षक श्री माखनलाल पाण्डेय को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन उप पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य NDPS प्रकरणों में विवेचना के दौरान होने वाली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों को दूर कर अभियोजन को मजबूत बनाना है, ताकि आरोपियों को न्यायालय से दोषमुक्त होने का अवसर न मिल सके।

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