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डिपरीपारा स्कूल में रंगों की पाठशाला, बच्चों ने उत्साह से मनाई होली

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प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देती डिपरीपारा स्कूल की होली

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डिपरीपारा स्कूल में रंगों की पाठशाला

छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि त्योहार सिर्फ मनाए नहीं जाते… बल्कि जीए जाते हैं।
बलोदा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला डिपरीपारा बिरगहनी च में होली का पर्व उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक संदेश के साथ मनाया गया।

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रंगों की बौछार…
मासूम चेहरों पर खिली मुस्कान…
और चारों ओर गूंजती होली गीतों की मधुर धुन…
कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला बलोदा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला डिपरीपारा बिरगहनी च में,
जहां नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पारंपरिक अंदाज़ में होली उत्सव मनाया।
स्कूल परिसर रंग-बिरंगे गुलाल से सराबोर नजर आया।
बच्चों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और खुशियों के रंगों में सराबोर हो गए।

इस खास मौके पर शिक्षकों ने भी बच्चों के साथ उत्सव में भाग लिया।
सिर्फ रंगों का खेल ही नहीं… बल्कि बच्चों को होली के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व से भी अवगत कराया गया।
उन्हें बताया गया कि —
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं…
बल्कि प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है।
शिक्षिका ममता यादव

“त्योहार बच्चों के व्यक्तित्व विकास का अहम हिस्सा होते हैं।
हमने बच्चों को सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों के उपयोग के प्रति भी जागरूक किया है, ताकि वे पर्यावरण और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।”

रंगों से भरे इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि
विद्यालय केवल पढ़ाई की जगह नहीं…
बल्कि संस्कार और परंपराओं की पाठशाला भी है। डिपरीपारा स्कूल की यह अनोखी होली बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और दिलों में प्यार के रंग छोड़ गई।

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