Advertisement Carousel
Blog

धान की अवैध खरीदी व रीसाइक्लिंग रोकने सख्त कदम17 से 31 जनवरी तक धान खरीदी केंद्रों से धान उठाव प्रतिबंधित

Ad

Advertisements

धान की अवैध खरीदी व रीसाइक्लिंग रोकने सख्त कदम
17 से 31 जनवरी तक धान खरीदी केंद्रों से धान उठाव प्रतिबंधित

Advertisements

सक्ती जिले में धान की अवैध खरीदी, फर्जी टोकन एवं रीसाइक्लिंग जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सख्त एवं निर्णायक कदम उठाए गए हैं। जिला खाद्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन के निर्देशों के अनुपालन में 17 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक जिले के समस्त धान उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस अवधि में किसी भी प्रकार का धान उठाव नहीं किया जाएगा।

Advertisements


कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके निर्देशन में जिले के 126 धान उपार्जन केंद्रों के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनकी भूमिका औपचारिक न होकर प्रत्यक्ष जवाबदेही के साथ निर्धारित की गई है।
नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि टोकन का पूर्ण एवं वास्तविक सत्यापन उपरांत ही धान खरीदी की अनुमति दी जाए। सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने उपार्जन केंद्रों में प्रतिदिन निगरानी रखते हुए धान खरीदी कार्य संपन्न कराएंगे तथा प्रतिदिन खरीदी समाप्ति की घोषणा एवं धान खरीदी रजिस्टर में अनिवार्य रूप से प्रविष्टि सुनिश्चित करेंगे।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक धान उपार्जन केंद्र में मिलर प्रतिनिधि की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं, जो धान की गुणवत्ता की जांच करेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की मिलीभगत, अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री तोपनो ने कहा कि धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता, अनुशासन एवं जवाबदेही सर्वोपरि है। अवैध खरीदी, रीसाइक्लिंग या किसी भी प्रकार की साठगांठ में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। केवल कागजी रिपोर्ट स्वीकार्य नहीं होगी।

First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button