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ग्रामीणों के साथ विधायक उत्तरी जांगड़े ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कोषा केन्द्र जेवरा मामला जांच के घेरे में

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से लक्ष्मीनारायण लहरे

विधायक उत्तरी जांगड़े ने ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से भेंट कर सौंपा ज्ञापन, जिला पंचायत सीईओ को सौंपी गई जांच

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सारंगढ़। ग्राम जेवरा स्थित कोषा केन्द्र में वर्षों से पदस्थ प्रभारी अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने ग्रामीण प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर से भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिस पर कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों द्वारा विधायक उत्तरी जांगड़े को सौंपे गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम जेवरा में राज्य शासन द्वारा वर्ष 1986-87 से कोषा विभाग का संचालन किया जा रहा है, लेकिन लंबे समय से यहां किसी भी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण या ऑडिट नहीं किया गया। इस प्रशासनिक शिथिलता का लाभ उठाकर प्रभारी अधिकारी मोहन पटेल द्वारा मनमानी एवं भ्रष्टाचार किए जाने के गंभीर आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं।

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ग्रामीणों के अनुसार प्रभारी अधिकारी मोहन पटेल स्वयं बहुत कम ही कोषा केन्द्र में उपस्थित रहता है तथा अधिकांश कार्य कोषा समूह की महिला अध्यक्ष के पति मोहन यादव के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है। आरोप है कि मोहन यादव अपने करीबी एवं चहेते लोगों को ही कार्य में लगाता है, जबकि अन्य जरूरतमंद ग्रामीणों को कार्य से वंचित किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उप संचालक रेशम रायगढ़ एवं सहायक संचालक रेशम सारंगढ़ को मौखिक रूप से शिकायत कर कार्य में शामिल किए जाने की मांग की थी, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि कोषा केन्द्र परियोजना केन्द्र है, जहां बाहरी व्यक्तियों को कार्य पर नहीं रखा जा सकता।

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उप संचालक रेशम रायगढ़ से विगत एक वर्ष की अवधि में कोषा केन्द्र में कार्यरत मजदूरों की सूची एवं भुगतान संबंधी जानकारी मांगी। प्राप्त दस्तावेजों में प्रत्येक माह 5 से लेकर 27-28 मजदूरों को 26-26 दिनों की मजदूरी भुगतान दर्शाया गया है, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि ये सभी नाम फर्जी हैं और मजदूरी की राशि अपने चहेते लोगों के नाम से आहरित की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले की शिकायत पूर्व में कलेक्टर कार्यालय एवं संचालक कार्यालय रायपुर में भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे यह प्रतीत होता है कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि कोषा केन्द्र जेवरा में हुए समस्त वित्तीय लेन-देन एवं कार्यों की निष्पक्ष जांच कर प्रभारी अधिकारी मोहन पटेल को तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही कोषा केन्द्र की अध्यक्ष एवं मोहन यादव को भी उनके पदों से पृथक करने की कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर विधायक उत्तरी जांगड़े के साथ जिला पंचायत सदस्य विनोद भारद्वाज, जिला पंचायत सदस्य हरिहर जायसवाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजीव ठाकुर तथा विधायक प्रतिनिधि गनपत जांगड़े उपस्थित रहे।
विधायक उत्तरी जांगड़े ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर द्वारा जिला पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए जाने से ग्रामीणों में न्याय की उम्मीद जगी है।

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