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छत्तीसगढ़धरसींवा

भूमि पूजन-लोकार्पण समारोह में पांच घंटे इंतजार करते रहे बच्चे और ग्रामीण

Children and villagers waited for five hours for the groundbreaking ceremony.

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से मोहम्मद उस्मान सैफी
दोपहर 2 बजे निर्धारित था कार्यक्रम, शाम 7 बजे तक विधायक व जनप्रतिनिधियों का इंतजार; नाराज होकर लौटने को मजबूर हुए छात्र-छात्राएं
सिलयारी। ग्राम पंचायत कुरूद-सिलयारी के डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलयारी के प्रांगण में बुधवार 16 सितंबर को भूमि पूजन एवं लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का समय दोपहर 2 बजे निर्धारित किया गया था। निर्धारित समय को देखते हुए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक एवं ग्रामीणजन समय से पहले ही विद्यालय परिसर पहुंच गए थे। विद्यालय के बच्चों ने कार्यक्रम के लिए गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां भी तैयार की थीं।
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लेकिन निर्धारित समय पर कार्यक्रम शुरू नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। दोपहर 2 बजे से शाम करीब 7 बजे तक लोग कार्यक्रम शुरू होने की प्रतीक्षा करते रहे। करीब पांच घंटे तक चले इस इंतजार के दौरान उमस भरी गर्मी में स्कूली बच्चे टिन शेड के नीचे बैठे रहे। वहां पंखे, कूलर सहित गर्मी से राहत की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
गर्मी और उमस में बेहाल नजर आए बच्चे
घंटों तक कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार करते-करते छात्र-छात्राएं थकान और गर्मी से परेशान नजर आए। कई बच्चे लगातार बैठे रहने के कारण बेचैन होते दिखाई दिए। अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम की समय-व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बच्चों को दोपहर 2 बजे कार्यक्रम के लिए बुलाया गया था, लेकिन घंटों तक कार्यक्रम शुरू नहीं होने से उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना था कि बड़े जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम में आने का समय यदि पहले से निर्धारित था तो उसी के अनुरूप आयोजन की समय-सारिणी तय की जानी चाहिए थी। विशेषकर स्कूली बच्चों को लंबे समय तक गर्मी में बैठाने के बजाय उनकी सुविधा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
शाम होते ही छात्राओं और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया था। छात्राएं दोपहर से ही कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार करती रहीं। शाम होने के साथ ही दूर-दराज से आई छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को घर लौटने की चिंता सताने लगी। लंबे इंतजार के बाद कई छात्र-छात्राएं और ग्रामीण नाराज होकर वापस लौटने को मजबूर हो गए।
बच्चों ने मेहनत से तैयार की थी सांस्कृतिक प्रस्तुति
भूमि पूजन एवं लोकार्पण समारोह को लेकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों की तैयारी की थी। बच्चे निर्धारित समय से विद्यालय पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। बच्चों की मेहनत और उत्साह के बावजूद कार्यक्रम में हुई देरी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में समय का विशेष महत्व होता है। यदि कार्यक्रम दोपहर 2 बजे निर्धारित किया गया है तो आयोजन को उसी समय शुरू करने का प्रयास होना चाहिए, ताकि स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
ग्रामीणों ने भविष्य में इस तरह के आयोजनों में समय-व्यवस्था के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल, पंखे, कूलर, बैठने की उचित व्यवस्था और शाम तक कार्यक्रम चलने की स्थिति में सुरक्षित वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

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