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ज्ञानभारतम मिशन के तहत डीएलसी बैठक संपन्न, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण पर जोर

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ज्ञानभारतम मिशन के तहत डीएलसी बैठक संपन्न, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण पर जोर
सक्ती,

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भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा एवं पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित ज्ञानभारतम मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों, ताड़पत्र, भोजपत्र एवं कागजी पोथियों की खोज, सूचीबद्धकरण एवं डिजिटलीकरण की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके तहत मंदिरों, मठों, आश्रमों एवं निजी संग्रहों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और पहचान पर विशेष बल दिया गया।

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वेद, आयुर्वेद, ज्योतिष, दर्शन, साहित्य एवं लोकपरंपरा से संबंधित महत्वपूर्ण पांडुलिपियों के वैज्ञानिक संरक्षण एवं उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही पांडुलिपि धारकों को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय विद्वानों, संस्कृत ज्ञाताओं तथा शोधकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।


कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो ने कहा कि ज्ञानभारतम मिशन देश की सनातन ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने की एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में सूक्ष्म स्तर पर सर्वेक्षण कर प्रत्येक पांडुलिपि का सूचीबद्धकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पोथी या पांडुलिपि है, तो वे इसकी जानकारी समिति को दें, ताकि जिले की अमूल्य सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर का संरक्षण किया जा सके।
बैठक में अपर कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला संस्कृति अधिकारी, पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधि, स्थानीय विद्वान एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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