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राज्य

देशहित के सवालों के बीच हरियाणा के जनमानस पर फोकस करता रहा शीतकालीन सत्र

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चंडीगढ़
हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि शीतकालीन सत्र कई दृष्टि से लाभकारी रहा। सत्र के दौरान प्रदेश की जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई तथा 16 विधेयक पारित किये गए। चुनाव सुधार से उत्पन्न हुई स्थिति और वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। तीन दिन में आयोजित 4 बैठकों में कुल 23 घंटे 45 मिनट कार्यवाही चली, जिसकी कार्य उत्पादकता 100 प्रतिशत से अधिक रही। सत्र के दौरान सभी 74 विधायकों ने शिरकत की, इसमें मुख्यमंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मंत्रियों की संख्या अलग से है।

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18 से 22 दिसंबर तक चले सत्र के दौरान विधायकों की सक्रियता दिखाई दी। विधायकों की ओर से अध्यादेशों को निरस्त करने तथा संशोधन के नोटिस प्राप्त हुए। विपक्ष की ओर से उठाए गए प्रत्येक विषय पर किसी न किसी रूप में चर्चा की गई। सत्र का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ तथा समापन राज्यगीत और राष्ट्रगीत के साथ हुआ। विस अध्यक्ष ने बताया कि शून्यकाल की कार्यवाही तीन दिन रही जो 3 घंटे 18 मिनट चली। इस कार्यवाही में 70 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिनमें कांग्रेस के 33 सदस्य 94 मिनट तक बोले। भाजपा के 32 सदस्यों ने 91 मिनट तक अपनी बात रखी, इनेलो के 2 सदस्यों ने 6 मिनट तथा तीन निर्दलीय विधायकों ने 7 मिनट तक बात रखी।

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तीन दिन में प्रश्नकाल के दौरान 81 तारांकित प्रश्न स्वीकृत किए गए जिनमे से ड्रा की प्रक्रिया के बाद 47 प्रश्नों के मौखिक जवाब कार्यवाही के दौरान दिए गए। इनमें कांग्रेस के 22, भाजपा के 14, इनेलो के 2 तथा 2 निर्दलीय विधायकों के प्रश्न थे। वहीं, 30 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए जिनके जवाब सदन पटल पर दिए गए। कांग्रेस के 33 विधायकों की ओर से नियम 65 के तहत प्रदेश सरकार के विरुद्ध अनेक विषयों पर आधारित अविश्वास प्रस्ताव आया। इस प्रस्ताव पर 19 दिसंबर को चर्चा करवाई गई। 4 घंटे 40 मिनट चली इस चर्चा में 17 विधायकों ने भाग लिया। कांग्रेस के 8 विधायकों ने 87 मिनट तक विस्तार से अपनी बात रखी। भाजपा के 6 सदस्य 69 मिनट बोले जबकि सरकार की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह ने 109 मिनट में जवाब दिया। इनेलो के 2 सदस्य 15 मिनट बोले।

इनेलो की तरफ से एक ध्यानाकर्षण सूचना को स्वीकार किया गया। प्रदेश के स्कूलों/ प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों/अनुदेशकों की कमी बारे इस नोटिस पर 18 दिसंबर को चर्चा की गई। नेता प्रतिपक्ष के रूप में भूपेंद्र हुड्डा की नियुक्ति उपरांत विधान सभा में मान्यता मिलने की सूचना भी सदन में दी गई। संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा की ओर से 18 दिसंबर को पेश किए गए सरकारी प्रस्ताव में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में चर्चा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के स्वीकार करने पर उसी दिन इस पर विस्तृत चर्चा करवाई।

भाजपा विधायक घनश्याम दास और योगेन्द्र राणा की ओर से नियम 84 के तहत प्रस्तुत प्रस्ताव में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्’ पर तथा भाजपा मुख्य सचेतक राम कुमार कश्यप और विधायक योगेन्द्र राणा की ओर से ‘मतदाता सूची बनाने से संबंधित चल रहे चुनाव सुधारों से उत्पन्न स्थिति’ पर क्रमशः 19 और 22 दिसंबर को चर्चा हुई। इन चुनाव सुधारों से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया। इस मामले में संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा की ओर से प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। सत्र के दौरान कुल 1058 दर्शक विधान सभा देखने पहुंचे, जिनमें 588 विद्यार्थी, 201 स्पीकर गैलरी और 269 दर्शक दीर्घा में थे।

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