शैलेंद्र कुमार सह संपादक की रिपोर्ट
फरसाबहार में आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के विधानसभा स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की गरिमामयी उपस्थिति में युवराज एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने ऐसा प्रेरक भाषण दिया, जिसने पूरा माहौल देशभक्ति और स्थानीय स्वाभिमान की भावना से भर दिया।
मुख्यमंत्री के सामने मंच से बोलते हुए युवराज ने कहा —
“मैं दिल्ली की बात नहीं करूंगा, मैं जशपुर की बात करूंगा।”
यह वक्तव्य केवल एक राजनीतिक संदेश नहीं था, बल्कि जशपुर की जनता के हृदय की आवाज़ थी। उनके इन शब्दों ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह से लेकर मंच पर मौजूद अतिथियों तक, सभी को भावुक और गर्वान्वित कर दिया।
युवराज यश प्रताप सिंह जूदेव ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मूल भाव केवल नारा नहीं, बल्कि यह हर भारतीय के जीवन का संस्कार है। उन्होंने कहा कि “जब तक जशपुर का हर युवा, हर किसान, हर महिला अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी नहीं लेता, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।”
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी का प्रयास छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और स्वदेशी भावना से सशक्त बनाने का है, और जशपुर इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने युवराज के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और मंच से उनके विचारों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में इस तरह की स्पष्टता और स्थानीय विकास के प्रति समर्पण ही राज्य को आगे ले जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों ने युवराज के भाषण के बाद जोशीले नारों और तालियों से स्वागत किया। जनसमूह ने कहा कि यश प्रताप सिंह जूदेव का वक्तव्य हर जशपुर के आत्मगौरव को व्यक्त करता है।
युवराज यश प्रताप सिंह जूदेव का यह संदेश —