Advertisement Carousel
देश

नागरिकता कानून का असर: असम में CAA के अंतर्गत पहली बार दी गई भारतीय नागरिकता

Ad

दिसपुर 
असम के श्रीभूमि जिले में रहने वाली 40 वर्षीय एक महिला को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। यह असम में CAA के अंतर्गत नागरिकता पाने वाली पहली महिला हैं और राज्य में रजिस्ट्रेशन रूट से नागरिकता हासिल करने वाली भी पहली व्यक्ति मानी जा रही हैं। यह महिला 2007 में बांग्लादेश से भारत आई थीं और श्रीभूमि जिले में रह रही थीं। बता दें कि श्रीभूमि जिले का नाम पहले करीमगंज था। वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व विदेशी न्यायाधिकरण (FT) सदस्य धर्मानंद देब ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला अब बनर्जी उपनाम का उपयोग करती हैं, वर्ष 2007 में बांग्लादेश से भारत आई थीं। वह सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के लिए अपने एक रिश्तेदार के साथ सिलचर पहुंची थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात श्रीभूमि जिले के एक स्थानीय युवक से हुई, दोनों ने विवाह किया और महिला भारत में ही रहने लगीं। बाद में दंपति का एक बेटा भी हुआ।

Advertisements

हालांकि महिला का परिवार अब भी बांग्लादेश के चटगांव में रहता है, लेकिन वह लंबे समय से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की इच्छा रखती थीं। नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियम अधिसूचित होने के बाद उन्होंने पिछले साल जुलाई में नागरिकता के लिए आवेदन किया।

Advertisements

पहला आवेदन हुआ था खारिज
रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मानंद देब ने बताया कि महिला का पहला आवेदन लोकसभा चुनाव से पहले हुए परिसीमन (डिलिमिटेशन) अभ्यास के कारण उत्पन्न भ्रम की वजह से खारिज हो गया था। महिला जिस बदरपुर क्षेत्र में रहती हैं, उसका एक हिस्सा श्रीभूमि जिले से हटाकर कछार जिले में शामिल कर दिया गया था। इससे जिला अधिकार क्षेत्र को लेकर असमंजस पैदा हो गया। इसके बाद अधिवक्ता ने दोबारा आवेदन किया और सभी दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया। अंततः महिला का मामला स्वीकृत कर लिया गया।

कानूनी प्रावधानों के तहत मिली नागरिकता
धर्मानंद देब ने बताया कि महिला को नागरिकता- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(c) को धारा 6B के तहत दी गई है। इस प्रावधान के तहत किसी भारतीय नागरिक से विवाह करने वाला व्यक्ति, यदि वह भारत में कम से कम सात वर्ष तक निवास कर चुका हो, तो पंजीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि असम में यह पहला मामला है जिसमें CAA के तहत रजिस्ट्रेशन रूट से नागरिकता दी गई है।

एक अन्य व्यक्ति को भी मिली नागरिकता
इस महिला के अलावा कछार जिले के 61 वर्षीय एक पुरुष को भी CAA के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को दोनों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए। नागरिकता को उनके भारत में प्रवेश की तिथि से प्रभावी माना गया है। भावित सामाजिक उत्पीड़न को देखते हुए दोनों नए नागरिकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

CAA को लेकर असम में विरोध
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 11 दिसंबर 2019 को पारित किया गया था, जिसके बाद असम सहित पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। नियम अधिसूचित होने के बाद अब तक असम में लगभग 40 लोगों ने CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है। CAA के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, ईसाई, बौद्ध, सिख, जैन और पारसी समुदाय के वे प्रवासी, जो 25 मार्च 1971 से 31 दिसंबर 2014 के बीच भारत आए थे, वे नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

असम में लगभग दो लाख लोग अब भी ‘संदिग्ध नागरिक’ के रूप में चिन्हित हैं, लेकिन अब तक बहुत कम लोगों ने CAA के तहत आवेदन किया है। मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा कई बार कह चुके हैं कि असम में अधिकांश हिंदू प्रवासी 1971 की कट-ऑफ तारीख से पहले ही आ चुके थे। CAA के तहत पहली महिला को नागरिकता मिलने को असम में इस कानून के क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Ad जय मेडिकल स्टोर स्थान: भारत माता चौक बिलासपुर रोड सारंगढ़
First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button