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जल संकट से निपटने कलेक्टर के सख्त कदम, 1 अप्रैल से

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जिला – सक्ती

जल संकट से निपटने कलेक्टर के सख्त कदम, 1 अप्रैल से

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15 जुलाई तक सक्ती ‘जल अभाव क्षेत्र’ घोषित
गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट को देखते हुए सक्ती जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने संपूर्ण जिले को 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक ‘जल अभाव क्षेत्र’ घोषित किया है।

अधिनियम के तहत जारी आदेश
कलेक्टर द्वारा यह आदेश छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधित 1987) की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, इस अवधि में धारा 06 के तहत सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी नया नलकूप पेयजल या अन्य किसी प्रयोजन के लिए नहीं खोदा जा सकेगा।


एजेंसियों को छूट, लेकिन सूचना देना अनिवार्य
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को पेयजल व्यवस्था के लिए नलकूप खनन की अनुमति रहेगी। हालांकि, उन्हें इस अवधि में किए गए नलकूप खनन की जानकारी संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।

अनुमति के लिए सरल प्रक्रिया
जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) – सक्ती, डभरा एवं मालखरौदा को उनके-अपने क्षेत्रों के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इच्छुक आवेदक संबंधित एसडीएम कार्यालय से मात्र ₹2 शुल्क में आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों सहित जमा कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के 10 दिनों के भीतर जांच उपरांत अनुमति प्रदान की जाएगी।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी बिना अनुमति के नलकूप खनन करती है, तो उसके विरुद्ध अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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