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शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण और नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप, पत्नी समेत दिल्ली से गिरफ्तार

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शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण और नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप, पत्नी समेत दिल्ली से गिरफ्तार

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मैट्रिमोनियल साइट के जरिए पीड़िता से बनाया संपर्क, 12 से 13 लाख रुपये के जेवर और नगदी लेने का आरोप; तोरवा पुलिस की लगातार कार्रवाई से मिली सफलता

बिलासपुर, तोरवा पुलिस ने शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण और नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये के जेवर एवं नगदी की ठगी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को उसकी पत्नी समेत बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के लेन-देन की जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई।

मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार यादव (34) निवासी ग्राम डुडंगा, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा और उसकी पत्नी नवीता यादव (30) के रूप में हुई है।

मैट्रिमोनियल साइट के जरिए पीड़िता से बनाई पहचान
पुलिस के मुताबिक कोरबा निवासी पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसकी पहचान सोशल मीडिया की मैट्रिमोनियल साइट ‘शादी डॉट कॉम’ के माध्यम से पवन कुमार यादव से हुई थी।

आरोप है कि पवन यादव ने खुद को अविवाहित बताते हुए पीड़िता को विश्वास में लिया और शादी का आश्वासन देकर उसके साथ दैहिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी ने उसे नौकरी लगाने का झांसा देकर नगदी और सोने-चांदी के जेवर लिए। पुलिस के अनुसार ठगी की अनुमानित रकम और जेवरों की कुल कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई गई है।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और अपनी पत्नी के साथ लगातार स्थान बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास करता रहा।
पामगढ़ और बिलासपुर में दी गई दबिश

मामला दर्ज होने के बाद तोरवा पुलिस ने आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पामगढ़ और सरकंडा, बिलासपुर स्थित ससुराल में कई बार दबिश दी। इस दौरान आरोपी का मोबाइल नंबर बंद मिला और उसके फरार होने की पुष्टि हुई।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इसके बावजूद लंबे समय तक आरोपी के संबंध में पुलिस को ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
बैंक खाते की जांच से मिला अहम सुराग

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के मोबाइल नंबर और विभिन्न बैंक खातों की जांच शुरू की। जांच में आरोपी के अधिकांश बैंक खाते बंद मिले, लेकिन उसकी पत्नी नवीता यादव के एक बैंक खाते में लेन-देन जारी पाया गया।

पुलिस ने खाते के ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की तो बल्लभगढ़, हरियाणा क्षेत्र में राशि निकाले जाने की जानकारी सामने आई। इस सुराग के आधार पर पुलिस टीम को दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र रवाना किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को उस च्वाइस सेंटर से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जहां से आरोपी द्वारा राशि निकाले जाने की जानकारी सामने आई थी। उपलब्ध तकनीकी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंच गई।

बल्लभगढ़ से दोनों आरोपी गिरफ्तार

लगातार पतासाजी के बाद थाना तोरवा पुलिस ने फरार आरोपी पवन कुमार यादव और उसकी पत्नी नवीता यादव को बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को बिलासपुर लाया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को 9 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और लगातार की गई पतासाजी की अहम भूमिका रही। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विवेचना जारी है।

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