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क्राइम मीटिंग में एएसपी अनिल सोनी के सख्त निर्देश, लंबित गंभीर अपराधों का प्राथमिकता से करें निराकरण

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क्राइम मीटिंग में एएसपी अनिल सोनी के सख्त निर्देश, लंबित गंभीर अपराधों का प्राथमिकता से करें निराकरण

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सामान्य मामलों का 60 दिन में निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर जोर

रायगढ़,  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में जिले के राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जुलाई माह में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा के साथ लंबित गंभीर अपराधों के शीघ्र निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध प्रवासियों की जांच तथा जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में ऑपरेशन आघात, ऑपरेशन शंखनाद, ऑपरे

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शन क्लीन हंट, ऑपरेशन अंकुश एवं अभियान संवेदना के तहत जुलाई माह में की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। एएसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत होना जरूरी है। अवैध गतिविधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
होटल और मकान मालिकों की जानकारी ‘समाधान ऐप’ पर दर्ज कराने के निर्देश
अवैध प्रवासियों की जांच को लेकर एएसपी ने थाना प्रभारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होटल संचालक और मकान मालिक अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों एवं किरायेदारों की जानकारी रखें और उसे ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से दर्ज कराएं।
एएसपी ने कहा कि कई बार बाहरी व्यक्ति आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद क्षेत्र से फरार हो जाते हैं। ऐसे में संदिग्ध एवं बाहरी व्यक्तियों की जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध होना अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता
बैठक में महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एएसपी ने जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा किसी भी थाना क्षेत्र में संगठित रूप से जुआ-सट्टा संचालित नहीं होने देने की बात कही।


लंबित अपराधों की एक-एक कर समीक्षा
क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के प्रथम सात महीनों में दर्ज अपराधों, पुलिस कार्रवाई और निराकरण की तुलनात्मक समीक्षा की गई। जिन थानों में प्रतिबंधात्मक एवं लघु अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
एएसपी ने लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए उनके लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। थाना प्रभारियों और विवेचकों को मामलों का शीघ्र निराकरण करने तथा लंबित मर्ग एवं शिकायतों के भी समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए गए।


आदतन बदमाशों पर होगी प्रभावी कार्रवाई
अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संदिग्ध एवं आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। एएसपी ने आदतन बदमाशों के खिलाफ धारा 129 BNSS के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग लेने और पुलिस के सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
सामान्य अपराधों का 60 दिन में निराकरण
एएसपी अनिल सोनी ने अपराध दर्ज होने के बाद निर्धारित समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामान्य अपराधों का 60 दिनों के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए और इसकी आवश्यक प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। गंभीर मामलों में विवेचना को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल पुलिसिंग और ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर
नवीन कानूनों के अनुरूप पुलिसिंग में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सभी विवेचकों को प्रशिक्षण से जुड़कर नई कानूनी प्रक्रिया समझने के निर्देश दिए गए।

— अनिल कुमार सोनी, एडिशनल एसपी रायगढ़


एएसपी ने CCTNS, शिकायत पोर्टल और साइबर संबंधी पोर्टल पर आवश्यक एंट्री समय पर पूर्ण करने, ऑनलाइन न्यायालयीन पेशी का पालन करने, ई-समंस की तामीली सुनिश्चित करने तथा न्यायालयीन कार्यवाही में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए।
अधिक लंबित मामलों वाले थानों पर विशेष निगरानी
जिन थानों में अधिक मामले लंबित पाए गए, वहां एसडीओपी और थाना प्रभारियों को अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना तैयार करने कहा गया। एएसपी ने स्पष्ट किया कि लंबित अपराधों के निराकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की भी समीक्षा
क्राइम मीटिंग के बाद जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा की गई। एएसपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने तथा नवीन कानूनों और डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने के निर्देश दिए।
बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

“लंबित गंभीर अपराधों का प्राथमिकता से निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को समयसीमा के भीतर मामलों का निराकरण करने तथा डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।”

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