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जशपुर: कदेलकछार स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव बना प्रेरणा, नवोदय-एकलव्य चयनित 11 विद्यार्थियों का सम्मान

फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से शैलेंद्र कुमार

जशपुर । शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। एक शिक्षित समाज ही विकास , संस्कार और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखता है। जब विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित न रहकर बच्चों के सपनों को उड़ान देने का केंद्र बन जाए, तब वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन जाता है। ऐसा ही प्रेरणादायी दृश्य शाला प्रवेश उत्सव एवं सम्मान समारोह के दौरान विकास खण्ड फरसाबहार के शासकीय प्राथमिक शाला  कदेलकछार मे देखने को मिला।

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कार्यक्रम में नवप्रवेशी बच्चों का तिलक-चंदन लगाकर, मुंह मीठा कराकर तथा पुस्तक ऑक्सफ़ोर्ड कि इंग्लिश हिन्दी डिक्सनरी , कॉपी, पेंसिल और गणवेश भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। सबसे बड़ी बात कि शिक्षक एवं संकुल समन्वयक मंतोष ताम्रकार ने अपने खर्चे वहन कर एकलव्य में उत्तीर्ण हुए छात्र छात्राओं को सायकल भेंट कि है
इसके साथ ही जवाहर नवोदय विद्यालय एवं एकलव्य विद्यालय सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित 11 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। जिला पंचायत सदस्य श्रीमति  दुलारी सिंह  एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमति हेमंती साय ने नवोदय विद्यालय में चयनित छह विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए साइकल वितरण किया गया । कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री दुर्गेश देवांगन, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री रविन्द्र नाथ साय, बीआरसी श्री देवेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री भरत साय, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमंती साय , जिला पंचायत सदस्य दुलारी सिंह, सरपंच बालक साय, पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी मंगरू  साय, संकुल प्राचार्य  संतोष कुमार साहू , पालकगण, एसएमसी सदस्य एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान कक्षा पहली की छात्रा पाविका पैंकरा ने 1 से 45 तक के पहाड़े याद सुनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। उसने 16, 28, 36 और 42 के पहाड़े भी सहजता से सुनाए। वहीं छात्रा चित्रांशी पैंकरा और छात्र चंद्रकांत राम ने भी 1 से 35 तक के पहाड़े सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक श्री भरत साय ने विद्यालय के तीनों शिक्षक नितेश कुमार साय, रितेश खलखो और गणेश साय की सराहना करते हुए कहा कि लगातार छह वर्षों से नवोदय जैसी कठिन परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने इस मॉडल को पूरे विकासखंड के अन्य विद्यालयों में भी लागू करने का आग्रह किया।  विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन ने बताया कि क्षेत्र के कई विद्यालय बेहतर कार्य कर रहे हैं और इस शैक्षणिक सत्र से कदेलकछार विद्यालय की तर्ज पर अन्य प्राथमिक शालाओं में भी नवोदय परीक्षा की विशेष तैयारी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण अंचल के अधिक से अधिक बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकें । यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि इस संदेश का प्रतीक था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समर्पित शिक्षक और अभिभावकों का सहयोग मिल जाए तो गाँव का हर बच्चा भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। कपिल सिंह भाजपा वरिष्ट नेता ने कहा, “शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति को सही सोच, संस्कार और समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती है।” उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षित पीढ़ी ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।” कार्यक्रम में विशेष रूप से भारी संख्या में ग्रामीण एवं पालक उपस्थित रहे।

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