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महिला की गरिमा भंग करने वाले तीन आरोपी दोषसिद्ध, 3-3 साल की सजा अश्लील वीडियो बनाकर धमकी देने के मामले में तीन दोषियों को कारावास

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ से ललिता बरेठ

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पांच साल पुराने छेड़खानी प्रकरण में तीन आरोपी दोषसिद्ध, 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

रायगढ़,  घरघोड़ा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय ने महिला की गरिमा भंग करने एवं छेड़खानी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2020 में थाना पूंजीपथरा क्षेत्र में दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने अक्टूबर 2020 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मंदिर दर्शन से लौटते समय गोदगोदा नाला घाट के समीप तीन आरोपियों ने उसके और उसके मंगेतर के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोपियों पर पीड़िता के अश्लील फोटो एवं वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देने का आरोप था।

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मामले की विवेचना तत्कालीन उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा की गई। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। वैज्ञानिक परीक्षण में महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त हुए, जिन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान पीड़िता, उसके मंगेतर सहित नौ साक्षियों के बयान दर्ज किए गए तथा 16 दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों तरुण कुमार साहू, छबिलाल साहू एवं उग्रसेन साहू को महिला की गरिमा भंग करने एवं अश्लील सामग्री तैयार कर धमकी देने से संबंधित धाराओं में दोषसिद्ध पाया।
न्यायालय ने तीनों आरोपियों को संबंधित धाराओं के तहत 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। हालांकि लूटपाट से जुड़े आरोप न्यायालय में सिद्ध नहीं हो सके।
रायगढ़ पुलिस ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से दंड दिलाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। :::

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