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नवाचार से बदली किस्मत: किसान संजय साहू बने आत्मनिर्भर, ग्राफ्टेड बैंगन से सालाना 4 लाख से अधिक आय

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नवाचार से बदली किस्मत: किसान संजय साहू बने आत्मनिर्भर, ग्राफ्टेड बैंगन से सालाना 4 लाख से अधिक आय
जांजगीर-चांपा।
शासन की किसान हितैषी योजनाओं और आधुनिक खेती तकनीकों ने जिले के किसानों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। पामगढ़ तहसील के ग्राम बिलारी निवासी किसान संजय कुमार साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती छोड़ नवाचार अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
धान की खेती से सीमित आय, फिर लिया बदलाव का फैसला
संजय साहू पहले अन्य किसानों की तरह पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे, जिससे आय सीमित थी। बेहतर आमदनी के लिए उन्होंने नया प्रयोग करने का निर्णय लिया और अपने एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की।

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मेहनत और नवाचार से मिली सफलता
शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन लगातार मेहनत और सीखने की लगन से उन्होंने सफलता हासिल की। पिछले चार वर्षों से वे लगातार ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर रहे हैं और हर साल बेहतर उत्पादन ले रहे हैं।
वे रासायनिक कीटनाशकों के बजाय ऑर्गेनिक उपाय अपनाते हैं, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है।
परिवार का मिला सहयोग
इस खेती में उनकी पत्नी भी बराबर की भागीदारी निभा रही हैं, जिससे यह कार्य परिवार के लिए मजबूत आजीविका का साधन बन गया है।


आय में बड़ा उछाल
जहां पहले धान की खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से संजय साहू को सालाना 4 लाख रुपये से अधिक की आय हो रही है।
इससे उनके बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतें और भविष्य की योजनाएं पहले से अधिक सुरक्षित हो गई हैं।
आधुनिक तकनीकों का उपयोग
संजय साहू ने खेती में ड्रिप इरिगेशन और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया है, जिससे पानी की बचत के साथ उत्पादन और गुणवत्ता में वृद्धि हुई है।
उद्यानिकी विभाग से उन्हें ग्राफ्टेड पौधे, मल्चिंग, स्प्रिंकलर पाइप और पैक हाउस के लिए अनुदान भी प्राप्त हुआ।
सोलर पंप से सिंचाई आसान


सौर सुजला योजना के तहत मिले सोलर पंप से उनकी सिंचाई की समस्या लगभग समाप्त हो गई है, जिससे खेती और भी आसान हो गई है।
प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान
आज उनकी फसल स्थानीय बाजार में अच्छी कीमत पर बिक रही है और उनकी पहचान एक प्रगतिशील किसान के रूप में बन चुकी है।
उनकी सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई तकनीकों को अपनाना चाहते हैं।

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