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छत्तीसगढ़धरसींवा

सत्ता के नशे में चूर धरसींवा विधायक अनुज शर्मा। अब zen -g छात्रों किया नाराज। भावेश बघेल

Dharsiwa MLA Anuj Sharma, intoxicated with power, has now angered Zen-G students. Bhavesh Baghel

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से मोहम्मद उस्मान सैफी 
सत्ता के नशे में चूर धरसींवा विधायक अनुज शर्मा! अब छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को भी करना पड़ा पांच घंटे इंतजार — भावेश बघेल
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सिलयारी में बुधवार 16 सितंबर को डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में भूमि पूजन एवं लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का समय दोपहर 2 बजे निर्धारित था। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण समय पर पहुंच गए थे। बच्चों ने कार्यक्रम के लिए गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी तैयार की थीं।
लेकिन कार्यक्रम तय समय पर शुरू नहीं हुआ। दोपहर 2 बजे से शाम करीब 7 बजे तक बच्चे और ग्रामीण कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार करते रहे। उमस भरी गर्मी में टिन शेड के नीचे बैठे बच्चों के लिए पंखे-कूलर जैसी पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं थी। लंबे इंतजार के बाद कई छात्र-छात्राएं और ग्रामीण नाराज होकर वापस लौटने को मजबूर हुए।
इस पूरे मामले पर भावेश बघेल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के लिए जनता का सम्मान और समय की कद्र सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “सत्ता के सामने जनता की भावनाएं नजरअंदाज नहीं होनी चाहिए। पांच घंटे तक स्कूली बच्चों, छात्राओं, अभिभावकों और ग्रामीणों को इंतजार करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बच्चों ने मेहनत से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तैयार की थीं, लेकिन समय की अव्यवस्था के कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी।”
भावेश बघेल ने आगे कहा, “मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि अनुज शर्मा जहां आर्थिक लाभ से जुड़ा काम होता है, वहां समय पर पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होती। वहीं मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल हो तो क्षेत्र की जनता से पहले वहां पहुंचने की तत्परता दिखाई देती है। लेकिन जब अपने क्षेत्र की जनता, बच्चे और ग्रामीण घंटों इंतजार कर रहे हों, तब उनकी परेशानी को नजरअंदाज करना समझ से परे है।”
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, उसकी पहली जिम्मेदारी जनता के प्रति होती है। प्रोटोकॉल और राजनीतिक कार्यक्रम अपनी जगह हैं, लेकिन बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों के सम्मान और सुविधा से बड़ा कुछ नहीं हो सकता।
जनता इंतजार करने के लिए नहीं, अपनी समस्याओं और उम्मीदों के साथ जनप्रतिनिधि तक पहुंचती है। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन जनता का सम्मान हमेशा सर्वोपरि रहना चाहिए।
— भावेश बघेल

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