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पंडवानी की महान साधिका स्व. तीजन बाई को कलाकारों और साहित्यकारों ने किया नमन

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पद्म विभूषण पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई का जीवन कला साधकों के लिए प्रेरणास्रोत : बीटीएस फिल्म प्रोडक्शन ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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चांपा। छत्तीसगढ़ की माटी की सच्ची पुत्री, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई के निधन पर बीटीएस फिल्म प्रोडक्शन, चांपा द्वारा श्री कृष्ण गौशाला परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों, साहित्यकारों, पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने स्वर्गीय तीजन बाई के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।


इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमाकांत सोनी ने कहा कि स्वर्गीय तीजन बाई पंडवानी की कापालिक शैली की अप्रतिम साधिका थीं। उन्होंने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से भारतीय लोककला को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई।
फिल्म लेखक, कलाकार एवं रचनात्मक निर्देशक गिरधारी यादव ने कहा कि तीजन बाई का जीवन संघर्ष, समर्पण और साधना का अनुपम उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा और अथक परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
साहित्यकार एवं पत्रकार शशि भूषण सोनी ने कहा कि तीजन बाई विलक्षण प्रतिभा की धनी थीं। उनकी प्रत्येक प्रस्तुति जीवंत, प्रभावशाली और भावपूर्ण होती थी, जिसने पंडवानी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया।
स्वतंत्र पत्रकार एवं साहित्यकार अनंत थवाईत ने कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोककला को विश्व पटल पर स्थापित कर पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया। वहीं शिक्षाविद् डॉ. रविंद्र द्विवेदी ने कहा कि महाभारत की लोकगाथा को अपनी विशिष्ट शैली में जीवंत करना उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी।
अधिवक्ता एवं साहित्यकार महावीर सोनी ने चांपा में आयोजित तीजन बाई के ऐतिहासिक कार्यक्रमों को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान भारतीय लोककला के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
बीटीएस फिल्म प्रोडक्शन के संस्थापक निर्माता-निर्देशक अखिलेश कोमल पांडे ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय तीजन बाई छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबू थीं। उन्होंने अपनी लोकगायन कला से प्रदेश को विश्वभर में सम्मान दिलाया और उनका व्यक्तित्व सदैव कला प्रेमियों के हृदय में अमर रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित सभी कलाकारों एवं नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर डॉ. रमाकांत सोनी, गिरधारी यादव, अखिलेश कोमल पांडे, अनंत थवाईत, शशि भूषण सोनी, डॉ. रविंद्र द्विवेदी, महावीर सोनी, दिलीप नामदेव, कुश सोनी, गोविंद चाँवरिया, सुनील कर्ष, आदर्श पांडे, देवव्रत देवांगन, प्रदीप यादव, विकास सोनी, कमल सागर, अनूप मसीह, संजू दादा, राज सिंह राजपूत, प्रकाश देवांगन सहित बड़ी संख्या में कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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