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विश्व आदिवासी दिवस पर जैजैपुर में विधिक जागरूकता शिविर, जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों की दी गई जानकारी

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विश्व आदिवासी दिवस पर जैजैपुर में विधिक जागरूकता शिविर, जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों की दी गई जानकारी
शक्ति जिला जैजैपुर,  विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, जैजैपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर के मार्गदर्शन में किया गया।

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शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के अधिकार मित्र लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल ने विश्व आदिवासी दिवस के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए नालसा (आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण एवं प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2015 की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके तहत जनजातियों को उनके अधिकारों, विधिक सहायता, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा अन्य विधिक सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने जनजातीय समुदायों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, आरटीई अधिनियम, 2009, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 तथा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया। साथ ही संविधान की पांचवीं एवं छठी अनुसूची के तहत जनजातीय समुदायों को प्राप्त विशेष संरक्षण एवं अधिकारों की जानकारी दी गई।


अधिकार मित्र भगवती भारद्वाज ने विश्व आदिवासी दिवस मनाए जाने के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदायों के हित में संचालित योजनाओं, अधिकारों और आरक्षण संबंधी प्रावधानों की जानकारी साझा की।
शिविर में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जनजातीय समुदायों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विधिक सेवा संस्थाओं का उद्देश्य जनजातीय समुदाय और न्यायपालिका एवं शासन व्यवस्था के बीच की दूरी को कम करते हुए उन्हें समय पर न्याय और विधिक सहायता उपलब्ध कराना है।
इस दौरान निःशुल्क विधिक सहायता की पात्रता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 सहित विभिन्न कानूनी सेवाओं एवं अधिकारों के संबंध में भी जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

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