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पीएम-राहत योजना से सड़क हादसा पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख तक कैशलेस उपचार बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण, अधिकारियों को दी गई पीएम-राहत योजना की जानकारी

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पीएम-राहत योजना पर बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख तक कैशलेस उपचार
बिलासपुर, 25 जून 2026। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार (PM-RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस,

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प्रशासन, परिवहन, स्वास्थ्य, एनआईसी एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
कलेक्ट्रेट स्थित मंथन सभा कक्ष में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस मुख्यालय के डीआईजी यातायात एम.आर. आहिरे की उपस्थिति में पीएम-राहत योजना के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।


प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को टीएमएस (TMS) 2.0, iRAD और eDAR पोर्टलों में दुर्घटना एवं पीड़ितों से संबंधित जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया, सत्यापन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग के संबंध में तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। एनआईसी के विशेषज्ञों ने पोर्टलों के संचालन एवं डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
अधिकारियों ने बताया कि पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा सभी मोटर वाहन दुर्घटना पीड़ितों के लिए लागू होगी, चाहे वे छत्तीसगढ़ के निवासी हों या अन्य राज्य के।
जिला बिलासपुर में इस योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ हो चुका है। थाना रतनपुर एवं थाना सिविल लाइन क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दो पीड़ितों का पंजीयन कर उन्हें कैशलेस उपचार का लाभ भी प्रदान किया जा चुका है। जिले में iRAD/eDAR से जुड़े आयुष्मान अस्पतालों सहित 172 अस्पताल इस योजना के अंतर्गत सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
योजना के अनुसार दुर्घटना पीड़ित को 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कर TMS पोर्टल पर पंजीकृत करना अनिवार्य है। इसके बाद पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन किया जाता है। गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की गारंटी भी सुनिश्चित की गई है।


कार्यक्रम में एडीएम शिव बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात जांजगीर-चांपा उदयन बेहार, आरटीओ असीम माथुर सहित संभाग के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सक, थाना प्रभारी, विवेचक एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि उन्हें गोल्डन ऑवर के दौरान समय पर उपचार और पीएम-राहत योजना का लाभ मिल सके।

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